'पाकिस्तान कर रहा हमारी हिफाजत...' फारूक अब्दुल्ला के विवादित बयान पर भड़की राजनीति, बीजेपी ने साधा निशाना
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने दावा किया कि कश्मीरी पाकिस्तान की वजह से बचे हुए हैं। शनिवार को बारामूला में आयोजित एक सम्मेलन में उन्होंने अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग भी उठाई।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाता रहता है। उनके बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा होने की संभावना है।
'जब तक अपने पैरों पर खड़े नहीं होंगे, सम्मान नहीं मिलेगा'
बारामूला में लोगों को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने आत्मनिर्भरता और एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक लोग अपने पैरों पर खड़े नहीं होंगे, तब तक उन्हें सम्मान नहीं मिलेगा।
उन्होंने लोगों से ईश्वर को याद करने और उनके दिखाए रास्ते पर चलने की अपील की। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि समाज की असली ताकत एकता में है और जब तक लोग एकजुट नहीं होंगे, तब तक अपने लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा।
'हमारे बच्चे इतिहास नहीं जानते'
फारूक अब्दुल्ला ने युवाओं और अभिभावकों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे अपने इतिहास से अनजान हैं और उन्हें यह जानना चाहिए कि उनका समाज किन परिस्थितियों से गुजरकर यहां तक पहुंचा है।
उन्होंने मोबाइल फोन के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि कई बार माता-पिता को भी जानकारी नहीं होती कि उनके बच्चे क्या कर रहे हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों की बढ़ती संख्या पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के गठन के पीछे पैसे की भूमिका है और कुछ लोग अपने सिद्धांतों से समझौता करने को तैयार हो जाते हैं।
बीजेपी शासित राज्यों में बुलडोजर कार्रवाई पर उठाए सवाल
फारूक अब्दुल्ला ने बीजेपी शासित राज्यों में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह लोगों की बस्तियां उजाड़ी जा रही हैं, घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और दुकानों को तोड़ा जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन घटनाओं से लोग अनजान हैं। उनके मुताबिक, ऐसी कार्रवाइयों को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।
अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखने की बात
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर की विशिष्ट पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने अनुच्छेद 370 बहाल करने और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग दोहराई।
उन्होंने यह भी कहा कि अपने अधिकारों की मांग करना देश के खिलाफ होना नहीं है।
फारूक अब्दुल्ला के बयान में कश्मीर, पाकिस्तान और केंद्र सरकार से जुड़े कई राजनीतिक मुद्दे शामिल रहे। उनके पाकिस्तान संबंधी बयान को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है, जबकि अनुच्छेद 370 और राज्य के दर्जे की बहाली जम्मू-कश्मीर की राजनीति के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।

