विपक्ष का हल्लाबोल, चौथा दिन: PM हाउस और राष्ट्रपति भवन घेराव की तैयारी, CEC के घर-दफ्तर पर कड़ा पहरा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को आंदोलन चौथे दिन में पहुंच गया। INDIA गठबंधन के नेता SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और विपक्ष के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।
PM हाउस और राष्ट्रपति भवन तक मार्च की चर्चा
विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है, ताकि वे चुनावी प्रक्रिया और SIR को लेकर अपनी चिंताएं उनके सामने रख सकें। रिपोर्टों के मुताबिक, विपक्षी सांसदों की शुक्रवार को संविधान सदन में बैठक भी निर्धारित थी, जिसमें आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा होनी थी।
सूत्रों के हवाले से आई खबरों में सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के आवास की ओर विरोध मार्च निकालने के विकल्पों का जिक्र किया गया है। हालांकि, इन सभी स्थानों पर मार्च निकालने की अंतिम योजना को आधिकारिक रूप से तय मानना सही नहीं होगा।राजघाट से शुरू हुआ विरोध, राहुल गांधी ने आंदोलन जारी रखने की बात कही
इससे पहले विपक्षी नेताओं ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान गड़बड़ियां हुई हैं और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। विपक्षी दल इसे ‘वोट चोरी’ का मुद्दा बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची की प्रक्रिया में जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस तरह विवाद का केंद्र मतदाता सूची में बदलाव, उसकी पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया पर भरोसे का सवाल बना हुआ है।
CEC के घर और चुनाव आयोग के दफ्तर पर कड़ा पहरा
लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाई गई है। दिल्ली में उनके आवास और चुनाव आयोग के कार्यालय के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी मौजूदा Z+ सुरक्षा व्यवस्था को भी और मजबूत किया गया है।प्रशासन की कोशिश है कि संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों को देखते हुए राजधानी के प्रमुख स्थानों पर भी सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं।
दिल्ली में आगे क्या होगा?
विपक्ष के अगले कदम पर स्थिति निर्भर करेगी। राष्ट्रपति से मुलाकात, आगे के विरोध प्रदर्शन और SIR के मुद्दे पर संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक टकराव जारी रहने के संकेत हैं। इसी बीच 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एक अन्य विरोध प्रदर्शन का भी ऐलान किया गया है, जिसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा तैयारियां तेज की हैं।
फिलहाल, विपक्ष की मांग है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब दिया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई हो। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और विपक्ष के आरोपों पर राजनीतिक बहस जारी है।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कोई रास्ता निकलेगा, या दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और तेज होंगे? राजधानी में अगले घटनाक्रम पर सबकी नजर बनी हुई है।

