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EC के खिलाफ विपक्ष का बड़ा मार्च, पहली बार BJD भी हुई शामिल; राहुल गांधी समेत कई सांसद हिरासत में

EC के खिलाफ विपक्ष का बड़ा मार्च, पहली बार BJD भी हुई शामिल; राहुल गांधी समेत कई सांसद हिरासत में

निर्वाचन आयोग के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को दिल्ली में बड़ा विरोध मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में एक अहम सियासी ट्विस्ट तब आया, जब नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल (BJD) के सांसद भी विपक्ष के मार्च में शामिल हुए। बीजेडी INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं है और वह खुद को NDA और INDIA दोनों से अलग बताती रही है।विपक्षी सांसदों का मार्च संसद के मकर द्वार से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय की ओर निकला। रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद सांसदों ने सड़क पर धरना दिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। कई विपक्षी सांसदों को बाद में पुलिस ने हिरासत में लिया।

राहुल गांधी की अगुवाई में निकला मार्च

मार्च में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर उठे सवालों का जवाब और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल रही।पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्वाचन सदन तक जाने से रोक दिया। इसके बाद कई सांसद वहीं बैठकर धरने पर बैठ गए।

पहली बार BJD सांसद भी प्रदर्शन में शामिल

इस प्रदर्शन में BJD सांसद मानस मंगराज और सुलता देव के शामिल होने से राजनीतिक हलचल बढ़ गई। BJD ने स्पष्ट किया है कि वह INDIA या NDA का हिस्सा नहीं है, लेकिन चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर पार्टी ने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला किया है। यह निर्णय पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक के निर्देश पर लिया गया था।BJD की ओर से चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है।

सुलता देव बोलीं- यह लोगों के लिए लड़ाई है

BJD सांसद सुलता देव ने कहा कि उनकी पार्टी किसी गठबंधन का हिस्सा बनने के लिए इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुई है। उनके मुताबिक, BJD एक जिम्मेदार क्षेत्रीय राजनीतिक दल के तौर पर जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठा रही है।

उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।

हालांकि, मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्ष के आरोपों को चुनाव आयोग और केंद्र की ओर से खारिज किया गया है। आयोग का पक्ष है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और अपात्र या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाना है।

जयराम रमेश ने कहा- विपक्ष की एकजुटता कायम रहेगी

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर कहा कि INDIA ब्लॉक के सांसदों का मार्च निर्वाचन आयोग की ओर बढ़ा, लेकिन उन्हें आकाशवाणी भवन के पास रोक दिया गया।

उन्होंने BJD सांसदों के प्रदर्शन में शामिल होने को भी अहम घटनाक्रम बताया। जयराम रमेश ने कहा कि विपक्ष की एकजुटता वोटर लिस्ट और परिसीमन जैसे मुद्दों पर आगे भी कायम रहेगी।

हिरासत के बाद आकाशवाणी भवन पहुंचे राहुल-प्रियंका

मार्च को रोके जाने के बाद राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने पुलिस बैरिकेड पर चढ़कर विरोध भी जताया। बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन की ओर पहुंचे और वहां भी विरोध जारी रखा।विपक्ष का कहना है कि SIR और मतदाता सूची में बदलाव से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। दूसरी ओर, बीजेपी ने विपक्ष के विरोध को राजनीतिक प्रदर्शन बताते हुए उसके आरोपों को खारिज किया है।इस पूरे घटनाक्रम के बीच BJD का INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन में शामिल होना मंगलवार के विरोध का सबसे बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

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