NEET पेपर लीक मामला: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान, “छात्रों का हित सरकार की प्राथमिकता”
NEET पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार (15 मई) को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली की शुचिता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है, ताकि मेहनती छात्रों के भविष्य पर किसी प्रकार का असर न पड़े।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के तहत आयोजित इस परीक्षा से जुड़े विवादों के बीच मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित रैकेट होने की आशंका की भी जांच की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने परीक्षा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर सुधारों की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें डिजिटल निगरानी, प्रश्नपत्र सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों की सख्त मॉनिटरिंग शामिल है।
छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है और किसी भी स्थिति में छात्रों के भविष्य के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच के नतीजे जल्द सामने आएंगे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इस बीच, देशभर में छात्रों और विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठ रही है। फिलहाल, सरकार का कहना है कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार आगे कदम उठाए जाएंगे।

