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Nandigram News: मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से मचा सियासी बवाल, जानें क्यों हुई कार्रवाई और क्या है मामला
 

Nandigram News: मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से मचा सियासी बवाल, जानें क्यों हुई कार्रवाई और क्या है मामला


पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब कुछ घंटे पहले ही ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के बाद नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया था। उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है। 
गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस और ममता बनर्जी की ओर से कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, पुलिस से जुड़े सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि मिलन प्रधान के खिलाफ पुराने मामले में वारंट था। बीजेपी ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कार्रवाई कानून के तहत हुई है। 
पुराने मामले में हुई गिरफ्तारी
रिपोर्टों के मुताबिक, मिलन प्रधान के खिलाफ 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों में कार्रवाई की गई है। कुछ रिपोर्टों में उनके खिलाफ तीन हत्या के मामलों का उल्लेख किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इनमें से एक मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी था। 
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को इसकी पूरी जानकारी नहीं है और पूछा कि इतने पुराने मामले में कार्रवाई इसी समय क्यों की गई।


ममता ने कांग्रेस को दिया था समर्थन
नंदीग्राम उपचुनाव में पहले ममता बनर्जी के खेमे ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था। शुक्रवार को उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के समर्थन का ऐलान किया।
ममता ने कहा कि नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला विपक्षी दलों के बीच सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी की खबर सामने आई। इस घटनाक्रम ने उपचुनाव की राजनीति को और गरमा दिया। 
गिरफ्तारी पर क्या बोले राहुल गांधी?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और आरोप लगाया कि बीजेपी निष्पक्ष चुनाव में भरोसा नहीं करती।
राहुल गांधी के बयान में लगाए गए ये आरोप कांग्रेस का राजनीतिक पक्ष हैं। गिरफ्तारी के कानूनी आधार को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में पुराने मामले और वारंट का जिक्र है। इसलिए दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग देखना जरूरी है। 


नंदीग्राम में बदल गया चुनावी समीकरण
ममता बनर्जी के खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के मैदान से हटने और कांग्रेस को समर्थन देने के बाद नंदीग्राम उपचुनाव में समीकरण बदल गए हैं। दूसरी ओर, बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है।
नंदीग्राम का यह उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सीट पहले शुभेंदु अधिकारी के पास थी। 2026 के विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने नंदीग्राम से जीत हासिल की थी और बाद में यह सीट खाली होने के कारण उपचुनाव की स्थिति बनी। 
फिलहाल मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया है, जबकि बीजेपी का कहना है कि पुलिस ने कानून के मुताबिक कार्रवाई की है। ऐसे में नंदीग्राम उपचुनाव से पहले यह मामला राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बन गया है।
 

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