‘धर्म की आड़ में चल रहा मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट’: प्रियंक खरगे के RSS पर दिए बयान से फिर गर्माई राजनीति
कर्नाटक के गृह मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियंक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने RSS पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘अपंजीकृत मनी लॉन्ड्रिंग यूनिट’ तक करार दिया।प्रियंक खरगे ने आरोप लगाया कि RSS धर्म के नाम पर कथित तौर पर अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि RSS के नाम पर धर्म से जुड़ी गतिविधियों की आड़ में कई तरह के काम किए जा रहे हैं।खरगे का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और RSS को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है।
दिग्विजय सिंह के बयान का भी किया बचाव
प्रियंक खरगे ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के RSS और विश्व हिंदू परिषद यानी VHP पर दिए गए बयान का भी बचाव किया।
उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह खुद आस्था में विश्वास रखने वाले व्यक्ति हैं और उनके बयान को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
दरअसल, दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि देश का राष्ट्रीय विमर्श लगातार हिंदुत्व के मुद्दे के इर्द-गिर्द केंद्रित किया जा रहा है। उनका दावा था कि इसमें RSS और VHP की भूमिका है और इससे समाज में अलग-अलग धार्मिक समुदायों के बीच विभाजन बढ़ा है।
‘RSS करीब 100 साल पुराना, हिंदू धर्म हजारों साल पुराना’
प्रियंक खरगे ने RSS की ओर से हिंदू धर्म के संरक्षण का दावा किए जाने पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म हजारों वर्षों से अस्तित्व में है, जबकि RSS की स्थापना करीब 100 साल पहले हुई थी।
खरगे ने सवाल उठाते हुए कहा कि RSS ऐसा व्यवहार करता है जैसे वही हिंदू धर्म का सबसे बड़ा या एकमात्र रक्षक हो। उन्होंने कहा कि हजारों साल पुरानी धार्मिक परंपरा को किसी संगठन से संरक्षण की जरूरत नहीं है।
हिंदू धर्म और हिंदुत्व को बताया अलग
प्रियंक खरगे ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच अंतर बताते हुए कहा कि दोनों को एक ही मानना सही नहीं है।
उनके मुताबिक, हिंदू धर्म एक प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक और वैचारिक विचारधारा के रूप में RSS से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि किसी हिंदू को अपने धर्म को समझने के लिए RSS से सीख लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हिंदू धर्म की परंपराएं RSS के अस्तित्व में आने से हजारों साल पहले से चली आ रही हैं।
दिग्विजय सिंह ने RSS और VHP पर क्या कहा था?
इस विवाद की शुरुआत दिग्विजय सिंह के बयान से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि देश में राष्ट्रीय विमर्श को लगातार हिंदू धर्म और हिंदुत्व के मुद्दे के आसपास केंद्रित किया जा रहा है।उन्होंने RSS और VHP पर हिंदुत्व की विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इससे हिंदुओं और दूसरे धार्मिक समुदायों के बीच दूरी और विभाजन बढ़ा है।दिग्विजय सिंह ने हिंदुत्व शब्द को लेकर भी RSS की विचारधारा पर सवाल उठाए और इसे सावरकर की विचारधारा से जोड़ते हुए कहा कि इसके चलते देश में अलग-अलग समुदायों के बीच विभाजन की स्थिति पैदा हुई है।अब प्रियंक खरगे के ताजा बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। RSS और कांग्रेस के बीच पहले से चली आ रही वैचारिक टकराहट के बीच खरगे के बयान पर बीजेपी और संघ की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है।

