शुद्धिकरण विवाद पर मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा हमला: जेपी नड्डा को खत लिखकर जताई हैरानी, FIR की मांग तेज
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी में उनकी जनसभा के बाद कथित तौर पर हुए ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राज्यसभा के सदन के नेता और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। खरगे ने इस मामले में अब तक FIR दर्ज नहीं होने पर गहरा असंतोष जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
खरगे ने अपने पत्र में कहा कि यह मामला केवल उनके या कांग्रेस अध्यक्ष के पद से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने जेपी नड्डा से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देश देने की मांग की कि हल्द्वानी में हुई कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना में शामिल संगठन और लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
13 अगस्त को राज्यसभा में उठाया था मुद्दा
खरगे ने पत्र में 13 अगस्त 2026 को राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी में हुई उनकी जनसभा के बाद कथित तौर पर छुआछूत से जुड़ा ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिसे लेकर उन्होंने सदन में दुख और पीड़ा व्यक्त की थी।
खरगे के मुताबिक, उस समय जेपी नड्डा ने सदन में इस घटना को दुखद बताते हुए जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था।
नड्डा ने सदन में कहा था कि इस तरह की गतिविधियों का बीजेपी समर्थन नहीं करती और वह इस मामले को गंभीरता से देखेंगे। राज्यसभा के सभापति ने भी घटना पर दुख जताया था।
‘24 दिन बाद भी FIR नहीं हुई’
खरगे ने अपने पत्र में कहा कि घटना के बाद जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कथित घटना के 24 दिन बीत जाने के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति या संगठन की ओर से ऐसी घटना की गई है, तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। खरगे ने उत्तराखंड सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर FIR दर्ज कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है हल्द्वानी का पूरा मामला?
दरअसल, 8 अगस्त 2026 को उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा हुई थी। कांग्रेस का आरोप है कि सभा के दो दिन बाद यानी 10 अगस्त को उस मंच का कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को दलित समुदाय के अपमान और छुआछूत से जोड़ते हुए कड़ी आपत्ति जताई। राहुल गांधी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया था कि खरगे की रैली के बाद बीजेपी-आरएसएस से जुड़े लोगों ने मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया।
कांग्रेस ने इसे सामाजिक भेदभाव से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ FIR और कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, दूसरी ओर कथित तौर पर शुद्धिकरण करने वाले संगठन और स्थानीय लोगों ने इस मामले में लगाए गए जातिगत आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में अब खरगे के पत्र के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
खरगे ने अपने पत्र के जरिए जेपी नड्डा से पहले दिए गए जांच और कार्रवाई के आश्वासन को पूरा करने तथा मामले में FIR दर्ज कराने की मांग दोहराई है।

