Samachar Nama
×

चुनाव आयोग पर फिर बरसे कपिल सिब्बल! बंगाल उपचुनाव और पार्टी सिंबल विवाद को लेकर उठाए गंभीर सवाल

चुनाव आयोग पर फिर बरसे कपिल सिब्बल! बंगाल उपचुनाव और पार्टी सिंबल विवाद को लेकर उठाए गंभीर सवाल

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर में होने वाले उपचुनाव से पहले चुनावी माहौल गरमा गया है। इसी बीच राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग और सरकार के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूछा कि आखिर ऐसे फैसले कब तक जारी रहेंगे।

उपचुनाव के बीच बढ़ा विवाद

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। इसी चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

सिब्बल ने अपने बयान में नंदीग्राम उपचुनाव से जुड़े घटनाक्रमों का जिक्र किया। उन्होंने उम्मीदवारों के नामांकन और उसके बाद सामने आए घटनाक्रमों पर सवाल उठाए।

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर भी सवाल

कांग्रेस के नंदीग्राम उम्मीदवार मिलन प्रधान को 18 सितंबर को 2007 के एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया था।

कांग्रेस की ओर से गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि पुराने मामले में गिरफ्तारी वारंट के आधार पर कार्रवाई की गई।

TMC के नाम और चुनाव चिह्न पर चुनाव आयोग का फैसला

सबसे बड़ा विवाद तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर है। चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को आगामी उपचुनाव में ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पार्टी के आरक्षित चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया।

आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और फ्री सिंबल चुनने के लिए विकल्प देने को कहा है। यह व्यवस्था फिलहाल अंतिम फैसला आने तक लागू रहेगी।

सिब्बल ने उठाए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल

कपिल सिब्बल ने चुनाव की घोषणा और नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव चिह्न को लेकर लिए गए फैसले पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद इस तरह का फैसला कई सवाल खड़े करता है।

उन्होंने चुनाव आयोग और सरकार के बीच कथित जुगलबंदी का आरोप लगाते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और उनके फैसलों को लेकर चिंता जताई।

‘देश सब देख रहा है’

सिब्बल ने पश्चिम बंगाल के घटनाक्रम को लोकतंत्र और संस्थाओं से जोड़ते हुए कहा कि पूरे देश की नजर इन घटनाओं पर है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे फैसले आखिर कब तक चलते रहेंगे।

फिलहाल नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव से पहले TMC के नाम और चुनाव चिह्न का विवाद, उम्मीदवारों से जुड़े घटनाक्रम और नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गरमा दिया है। चुनाव आयोग की ओर से दोनों गुटों के लिए अलग नाम और चुनाव चिह्न की व्यवस्था फिलहाल अंतरिम तौर पर लागू है।

Share this story

Tags