Samachar Nama
×

Jammu-Kashmir Politics: कैबिनेट फेरबदल से नेशनल कॉन्फ्रेंस में बढ़ी नाराजगी, 18 विधायकों की गुप्त बैठक से सियासी हलचल

Jammu-Kashmir Politics: कैबिनेट फेरबदल से नेशनल कॉन्फ्रेंस में बढ़ी नाराजगी, 18 विधायकों की गुप्त बैठक से सियासी हलचल

जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार में 27 अक्टूबर को हुए कैबिनेट फेरबदल के बाद सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर असंतोष सामने आया है। इसी बीच पार्टी के कम से कम 18 विधायक श्रीनगर में लोलाब से विधायक कैसर जमशेद लोन के आवास पर एकत्र हुए। इस बैठक को लेकर पार्टी के अंदर संभावित राजनीतिक हलचल की चर्चा तेज हो गई है।

कैबिनेट फेरबदल में नेशनल कॉन्फ्रेंस के चार विधायकों अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्ला, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कालू को मंत्रिपरिषद में जगह दी गई थी। वहीं, निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस बदलाव से पार्टी के कई वरिष्ठ विधायक संतुष्ट नहीं हैं।

18 विधायकों की मौजूदगी ने बढ़ाई चर्चा

कैसर जमशेद लोन के आवास पर हुई बैठक में मुजफ्फर इकबाल खान, मुश्ताक अहमद गुरु, डॉ. सज्जाद शफी, खुर्शीद अहमद, अर्जुन सिंह राजू, जावेद इकबाल चौधरी, एजाज अहमद जान, अब्दुल मजीद भट, बशीर अहमद वीरी, हिलाल अकबर लोन, नजीर अहमद खान, मुबारक गुल, फारूक अहमद शाह, सैफ-उद-दीन भट, जावेद अहमद, गुलाम मोहिउद्दीन मीर और हसनैन मसूदी समेत कई विधायक शामिल हुए।

बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ विधायक ने इसे केवल दोस्तों के बीच आयोजित लंच बताया और किसी राजनीतिक रणनीति से इनकार किया। हालांकि, बैठक में शामिल विधायकों की संख्या और उनमें कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है।

पार्टी नहीं छोड़ने पर बनी सहमति

बैठक आयोजित करने वाले विधायक कैसर जमशेद लोन के करीबी सूत्रों के मुताबिक, इसमें कैबिनेट फेरबदल और पार्टी के संगठनात्मक कामकाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। विधायकों ने कथित तौर पर सहमति जताई कि वे न तो पार्टी छोड़ेंगे और न ही नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने की कोई कोशिश करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, विधायकों ने अपनी शिकायतें पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने के लिए चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया है। यह प्रतिनिधिमंडल नजीर अहमद खान और मुजफ्फर इकबाल समेत अन्य नेताओं के माध्यम से पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को ज्ञापन सौंप सकता है।

मंत्रियों को हटाने और राजनीतिक सलाहकार पर कार्रवाई की मांग

प्रस्तावित ज्ञापन में उन मंत्रियों को पद से हटाने की मांग उठाई जा सकती है, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दो साल पूरे कर लिए हैं। विधायकों का मानना है कि मौजूदा मंत्रिमंडल की व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है।

बैठक में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार नासिर सोगमी की कथित भूमिका पर भी नाराजगी जताए जाने की बात सामने आई है। कुछ विधायकों ने उन पर पार्टी नेतृत्व को गुमराह करने और संगठनात्मक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि असंतुष्ट विधायक उनके इस्तीफे, बिना शर्त माफी और पद से हटाने की मांग भी उठा सकते हैं।

फिलहाल, विधायकों की ओर से पार्टी नेतृत्व को ज्ञापन सौंपे जाने और उस पर मिलने वाली प्रतिक्रिया का इंतजार है। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर उठे इस असंतोष को दूर करने के लिए नेतृत्व क्या कदम उठाता है।

Share this story

Tags