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Gurmeet Ram Rahim: फरलो के दौरान डेरे में जुटी भारी भीड़, सत्संग से लेकर ‘रूबरू नाइट’ तक क्या हुआ?
 

Gurmeet Ram Rahim: फरलो के दौरान डेरे में जुटी भारी भीड़, सत्संग से लेकर ‘रूबरू नाइट’ तक क्या हुआ?

Gurmeet Ram Rahim: हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा परिसर में 12 और 13 सितंबर को बड़ी संख्या में अनुयायी पहुंचे। यह वह समय था जब डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह फरलो पर जेल से बाहर था। 13 सितंबर को सत्संग और रात में ‘रूबरू नाइट’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का दावा किया गया।
राम रहीम दुष्कर्म के दो मामलों में 20 साल की सजा काट रहा है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, वह 25 अगस्त से 16 सितंबर तक फरलो पर बाहर था। इन दो दिनों के दौरान डेरा परिसर में मौजूद गतिविधियों और वहां पहुंचे लोगों के अनुभवों को करीब से देखने की कोशिश की गई।
12 सितंबर को डेरे के बाहर से ही दिखने लगी भीड़
12 सितंबर की दोपहर डेरा परिसर की ओर जाने वाली सड़क पर पहुंचने से पहले ही लोगों की भीड़ दिखाई देने लगी। रास्ते में सजावट की गई थी और बड़ी संख्या में अनुयायी अलग-अलग जगहों से पहुंचे थे।
बताया गया कि पंजाब के भटिंडा, फाजिल्का, मानसा और राजस्थान समेत कई इलाकों से लोग यहां आए थे। डेरा पहुंचने वाले कई अनुयायी मुख्य गेट पर सिर झुकाकर आगे बढ़ते दिखाई दिए।
आश्रम परिसर में रुकने और भोजन की व्यवस्था भी की गई थी। इसी दौरान जानकारी मिली कि अगले दिन राम रहीम का सत्संग प्रस्तावित है।


13 सितंबर की सुबह बढ़ी गतिविधियां
अगली सुबह डेरा परिसर में भीड़ और बढ़ गई। अनुयायियों के बीच राम रहीम के दर्शन के समय को लेकर चर्चा चल रही थी। पहले सुबह 9 बजे दर्शन की बात कही जा रही थी, लेकिन बाद में समय बढ़ाकर 11 बजे किए जाने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम से पहले सुरक्षा और व्यवस्था संभालने के लिए सेवादारों की संख्या बढ़ाई गई। परिसर में प्रवेश के दौरान कई स्तरों पर जांच की जा रही थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, मोबाइल फोन, घड़ी, पेन और बेल्ट जैसी चीजें भी जमा कराई जा रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति ने लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग करने पर आपत्ति जताई और वीडियो डिलीट करने के लिए कहा।
बिना सदस्यता पहुंचे व्यक्ति से पूछताछ
डेरा परिसर में प्रवेश के बाद एक सेवादार ने सदस्यता को लेकर सवाल किया। बातचीत में बताया गया कि डेरा से जुड़े लोग एक-दूसरे को ‘प्रेमी जी’ कहकर संबोधित करते हैं।
इसके बाद सत्संग के लिए बनाए गए बड़े टेंट में अनुयायियों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की गई। कुछ लोगों ने बताया कि डेरा से जुड़ने के बाद उनके परिवार में नशे की समस्या दूर हुई या उन्हें इलाज से मदद मिली।
हालांकि, डेरा और राम रहीम से जुड़े विवादों पर पूछे गए सवालों पर बातचीत करने वाले कई लोगों ने टिप्पणी करने से परहेज किया।
सत्संग में हजारों लोगों के पहुंचने का दावा
दोपहर तक सत्संग स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो चुके थे। रिपोर्ट में टेंट की क्षमता करीब 40 हजार बताई गई, जबकि वहां मौजूद लोगों की संख्या 65 से 70 हजार तक होने का अनुमान दिया गया।
करीब 1 बजे राम रहीम मंच पर पहुंचा और लगभग 1 घंटे 10 मिनट तक कार्यक्रम चला। इस दौरान दीक्षा से संबंधित गतिविधियां भी हुईं। कुछ लोगों को आश्रम में रखकर नशा छुड़ाने की पहल किए जाने का दावा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान राम रहीम ने प्राकृतिक आपदा को लेकर भी एक भविष्यवाणी की।


‘Gen-Z’ और नए सेवादारों के लिए फॉर्म
डेरे में युवाओं और सेवादारों से संबंधित फॉर्म भी दिखाई दिए। बताया गया कि ‘Gen-Z’ युवाओं के लिए अलग टीम तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है।
नए सेवादार बनने के लिए भी फॉर्म उपलब्ध कराए जा रहे थे। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के विंग से प्रक्रिया पूरी कराने की बात बताई गई। एक अनुयायी के फॉर्म में परिवार और अन्य निजी जानकारियां भरने की व्यवस्था थी।
फॉर्म के पीछे सेवा के दौरान होने वाली किसी घटना की जिम्मेदारी स्वयं लेने और डेरा प्रेमियों पर ऐसे आरोप नहीं लगाने जैसे निर्देश दर्ज होने की बात कही गई।
पार्किंग में बसों और वाहनों की लंबी कतार
शाम करीब 5 बजे परिसर से बाहर निकलने पर सड़क के किनारे बड़ी संख्या में बसें और निजी वाहन खड़े दिखाई दिए। रिपोर्ट में 200 से अधिक बसों और 5 हजार से ज्यादा वाहनों का अनुमान लगाया गया।
इसी दौरान रात में होने वाले ‘रूबरू नाइट’ कार्यक्रम की जानकारी मिली। कार्यक्रम डेरा परिसर के पीछे स्थित क्रिकेट स्टेडियम में रखा गया था और प्रवेश पास के जरिए होना था।
स्टेडियम में ‘रूबरू नाइट’, बड़ी संख्या में लोग शामिल
रात करीब 9 बजे कार्यक्रम शुरू हुआ। स्टेडियम में प्रवेश से पहले कई चरणों में जांच की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम स्थल पर करीब एक लाख लोगों की मौजूदगी थी।
राम रहीम के मंच पर पहुंचने के बाद वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और ‘पिताजी’ के नारे लगाए। इसके बाद संगीत कार्यक्रम शुरू हुआ। राम रहीम ने मंच से गाने भी प्रस्तुत किए और डांस किया।
कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम में कई LED स्क्रीन लगाई गई थीं, ताकि पीछे बैठे लोग भी मंच की गतिविधियां देख सकें।
कार्यक्रम के बाद प्रसाद वितरण में लगाए गए लोग
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कुछ सेवादारों को प्रसाद वितरण की सेवा के लिए बुलाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, वहां मौजूद लोगों को प्लेट, गिलास और चम्मच दिए गए और भोजन वितरित किया गया।
स्टेडियम से बाहर निकलने पर भी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही जारी थी। इसी दौरान पुलिस की मौजूदगी को लेकर सवाल उठे।
प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति को लेकर सवाल
कार्यक्रमों और फरलो की शर्तों को लेकर प्रशासन से जानकारी लेने की कोशिश की गई। सिरसा के डिप्टी कमिश्नर शांतनु शर्मा के अनुसार, उन्हें सत्संग या अन्य कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि इसके नियम समझने के लिए राम रहीम के फरलो रिलीज ऑर्डर को देखना होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, डीसी से इस विषय पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश भी की गई, लेकिन आगे कोई जवाब नहीं मिला।
हरियाणा में फरलो और पैरोल के नियम क्या हैं?
हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स एक्ट, 2022 के तहत पात्र कैदियों को पैरोल और फरलो देने का प्रावधान है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुछ शर्तों के तहत कैदी को एक साल में अधिकतम 70 दिन पैरोल और 21 दिन फरलो मिल सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विनीत जिंदल के अनुसार, पैरोल और फरलो की प्रकृति अलग होती है। पैरोल आम तौर पर किसी जरूरी परिस्थिति जैसे परिवार में मृत्यु, बीमारी, शादी या अन्य निर्धारित कारणों से जुड़ी होती है, जबकि फरलो को कैदी को कुछ समय के लिए जेल से बाहर रहने की छुट्टी के तौर पर समझा जाता है।
राम रहीम को फरलो दिए जाने और उसके दौरान हुए कार्यक्रमों को लेकर उठे सवालों का अंतिम जवाब संबंधित रिलीज ऑर्डर और प्रशासन द्वारा लागू की गई शर्तों की जानकारी से ही स्पष्ट हो सकता है।
 

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