'Amit Shah भूल जाएं PM पद!' राउत का बेबाक दावा— फडणवीस को मिलेगी दिल्ली में नई एंट्री
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र की राजनीति को लेकर बड़ा दावा किया है। राउत के मुताबिक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) दिल्ली से बाहर के किसी नेता को देश का उपप्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में है और इस भूमिका के लिए फडणवीस का नाम सामने आ सकता है।
हालांकि, संजय राउत के इन दावों पर अभी तक सत्तारूढ़ बीजेपी या एनडीए की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फडणवीस को लेकर क्या बोले संजय राउत?
संजय राउत ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद सरकार में उत्तराधिकारी के तौर पर देखे जा रहे नेता को उपप्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संघ की भूमिका भी आने वाले समय में इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर स्पष्ट हो सकती है।
राउत ने कहा कि दिल्ली से बाहर के किसी नेता को उपप्रधानमंत्री बनाने की RSS की इच्छा है और वह चेहरा देवेंद्र फडणवीस हो सकते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर फडणवीस को इस संभावित घटनाक्रम की जानकारी नहीं है तो वह खुद उन्हें इसकी जानकारी दे सकते हैं।
अमित शाह के भविष्य पर भी राउत ने किया दावा
संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि शाह प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं, लेकिन देश के राजनीतिक इतिहास को देखते हुए उनके लिए प्रधानमंत्री पद तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
राउत ने कहा कि देश में अब तक गृह मंत्री के पद पर रहने वाला कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री नहीं बना है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल का उदाहरण देते हुए कहा कि पटेल देश के गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री रहे, लेकिन प्रधानमंत्री नहीं बने।
राउत ने यह भी दावा किया कि अमित शाह खुद को 'पीएम इन वेटिंग' के तौर पर देख सकते हैं, लेकिन जनता उन्हें इस रूप में नहीं देखती। उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम का भी जिक्र किया और कहा कि उनके भविष्य को लेकर भी अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कैबिनेट विस्तार को लेकर भी किया बड़ा दावा
संजय राउत ने केंद्र में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार को लेकर भी कई दावे किए। उनके मुताबिक, मंत्रिमंडल में बदलाव के दौरान कुछ वरिष्ठ मंत्रियों से इस्तीफा लिया जा सकता है।
राउत का दावा है कि कुछ वरिष्ठ मंत्री इस्तीफा देने को लेकर तैयार नहीं हैं और उनका कहना है कि अगर फेरबदल के तहत इस्तीफे लिए जाने हैं, तो इसकी शुरुआत अमित शाह से होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ मंत्री कथित तौर पर यह रुख अपना रहे हैं कि अगर अमित शाह इस्तीफा देते हैं, तभी वे भी अपने पद छोड़ेंगे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
RSS की मांग की वजह से अटका कैबिनेट विस्तार? राउत का दावा
उद्धव ठाकरे गुट के नेता ने दावा किया कि RSS की ओर से उपप्रधानमंत्री बनाए जाने पर जोर दिए जाने के कारण मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
राउत के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार से पहले कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के इस्तीफे लिए जाने की चर्चा है, लेकिन इसी मुद्दे पर सरकार के भीतर खींचतान चल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ वरिष्ठ मंत्री लंबे समय से सत्ता में हैं और वे इस्तीफे की शुरुआत गृह मंत्री से करने की मांग कर रहे हैं।
आधिकारिक ऐलान का अभी इंतजार
संजय राउत के इन बयानों के बाद महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। देवेंद्र फडणवीस को केंद्र में बड़ी भूमिका दिए जाने की अटकलें समय-समय पर सामने आती रही हैं।
हालांकि, फडणवीस को उपप्रधानमंत्री बनाए जाने, अमित शाह के इस्तीफे या केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रस्तावित बदलाव को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल इन सभी बातों को संजय राउत के राजनीतिक दावों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

