Samachar Nama
×

जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी पर बोले फारूक अब्दुल्ला, कहा- ‘बैन से लोग पीना बंद नहीं करेंगे’

जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी पर बोले फारूक अब्दुल्ला, कहा- ‘बैन से लोग पीना बंद नहीं करेंगे’

जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती जा रही है। इसी बीच Farooq Abdullah ने बड़ा बयान देकर चर्चा को और गरमा दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि केवल शराब की दुकानें बंद कर देने से लोग शराब पीना बंद नहीं करेंगे, बल्कि बाहर से शराब मंगाने लगेंगे।

फारूक अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी को लेकर लगातार मांग उठ रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में शराब की बिक्री बंद करना चाहती है, तो पहले यह तय करना होगा कि इससे होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई कैसे की जाएगी। उनका कहना है कि शराब से सरकार को बड़ा टैक्स और राजस्व मिलता है, जिससे कई विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

Jammu & Kashmir National Conference प्रमुख ने कहा कि केवल भावनात्मक मुद्दा बनाकर समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर शराबबंदी लागू कर दी जाए और राजस्व कम हो जाए, तो क्या केंद्र सरकार इसकी भरपाई करेगी? उन्होंने यह भी कहा कि समाज में शराब की समस्या केवल दुकानों के जरिए नहीं, बल्कि अवैध सप्लाई और तस्करी के जरिए भी बनी रह सकती है।

फारूक अब्दुल्ला ने अपने आलोचकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल राजनीतिक फायदा लेने के लिए इस मुद्दे को उछाल रहे हैं। उनका मानना है कि किसी भी फैसले से पहले उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील रहा है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठन राज्य में पूर्ण शराबबंदी की मांग करते रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सरकार के सामने राजस्व और अवैध कारोबार बढ़ने जैसी चुनौतियां भी मौजूद हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी क्षेत्र में पूरी तरह शराबबंदी लागू की जाती है, तो उसके साथ मजबूत निगरानी व्यवस्था और वैकल्पिक राजस्व मॉडल भी जरूरी होता है। कई राज्यों के उदाहरण सामने हैं जहां शराबबंदी के बाद अवैध शराब और तस्करी की घटनाएं बढ़ी हैं।

फिलहाल फारूक अब्दुल्ला के बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और शराबबंदी को लेकर बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Share this story

Tags