'चंदे के नाम पर चल रहा फर्जी वोटिंग का खेल!' यूथ Congress चुनाव पर अजय चंद्राकर के बयान से मची खलबली
छत्तीसगढ़ में यूथ कांग्रेस के संगठन चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। चुनाव में कथित फर्जी वोटिंग, सदस्यता प्रक्रिया और फंडिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराने की मांग की है।हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, यूथ कांग्रेस का ऑनलाइन मतदान 30 अगस्त से 29 सितंबर 2026 तक चला था। मतदान के लिए ‘With IYC’ ऐप का इस्तेमाल किया गया। चुनाव के बाद कुछ प्रत्याशियों की ओर से फर्जी वोटिंग, वोटों की संख्या में कथित अनियमित बढ़ोतरी और ऐप से छेड़छाड़ जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और अंतिम स्थिति स्क्रूटनी व तकनीकी जांच के बाद स्पष्ट हो सकती है।
सदस्यता और चंदे को लेकर भी सवाल
अजय चंद्राकर ने यूथ कांग्रेस की सदस्यता प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में चंदे के जरिए सदस्यता दी जा रही है। उनका कहना है कि यदि सदस्यता प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है, तो इसका सीधा असर संगठन के आंतरिक चुनाव की विश्वसनीयता पर पड़ सकता है।चंद्राकर ने सदस्यता से लेकर वोटिंग तक पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चुनाव से जुड़े फंडिंग के मामलों को भी जांच के दायरे में लाने की बात कही है।
फर्जी वोटिंग के आरोपों से बढ़ा विवाद
यूथ कांग्रेस चुनाव में कथित फर्जी वोटिंग को लेकर कई तरह के दावे सामने आए हैं। कुछ प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि फर्जी आईडी और वर्चुअल नंबरों के माध्यम से वोटिंग कराई गई। एक प्रत्याशी की ओर से कम समय में वोटों की संख्या बढ़ने का दावा भी किया गया है।हालांकि, ऐसे दावों में से कुछ की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव के वोटों की स्क्रूटनी और तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में कितनी आईडी या वोट प्रभावित हुए हैं।
कांग्रेस की आंतरिक चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
अजय चंद्राकर ने इन आरोपों के आधार पर कांग्रेस की आंतरिक चुनाव व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी भी राजनीतिक संगठन के आंतरिक चुनाव में सदस्यता, मतदान और फंडिंग की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जा सके।
CBI जांच की मांग
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कथित फर्जी वोटिंग के साथ-साथ यूथ कांग्रेस की सदस्यता और फंडिंग से जुड़े मामलों की भी CBI जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के जरिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं।फिलहाल यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर लगाए गए आरोपों पर अंतिम तस्वीर जांच और स्क्रूटनी के बाद ही साफ होगी। इसलिए फर्जी वोटिंग, ऐप हैकिंग या फंडिंग से जुड़े आरोपों को फिलहाल आरोपों के रूप में ही देखा जा रहा है।

