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डिजिटल इंडिया के नाम पर वसूली! UPI चार्ज की खबरों पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे, पूछा— 'मोदी सरकार गरीबों को क्यों लूट रही?

डिजिटल इंडिया के नाम पर वसूली! UPI चार्ज की खबरों पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे, पूछा— 'मोदी सरकार गरीबों को क्यों लूट रही?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने UPI पेमेंट्स पर संभावित चार्ज को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई से परेशान आम लोगों पर पहले से ही आर्थिक दबाव है और अब सरकार डिजिटल पेमेंट्स के जरिए भी उनकी जेब पर बोझ डालने की तैयारी कर रही है।खरगे ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि पहले जहां UPI पर किसी तरह के शुल्क की बात नहीं थी, वहीं अब 2,000 रुपये तक के लेनदेन को शुल्क-मुक्त रखने की चर्चा हो रही है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

'महंगाई से पहले ही खाली है आम आदमी की जेब'

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश में महंगाई के कारण आम आदमी की आर्थिक स्थिति पहले ही प्रभावित है। उन्होंने थोक महंगाई का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि लोगों को राहत देने के बजाय सरकार उनकी बचत पर अतिरिक्त बोझ डालने की दिशा में बढ़ रही है।

उन्होंने इसे डिजिटल पेमेंट्स पर संभावित शुल्क से जोड़ते हुए कहा कि अगर UPI लेनदेन पर चार्ज लगाया गया तो इसका असर आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर भी पड़ सकता है।

नोटबंदी का भी किया जिक्र

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने बयान में 2016 की नोटबंदी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के समय सरकार की ओर से डिजिटल पेमेंट्स और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने की बात कही गई थी।

खरगे ने सवाल उठाया कि अगर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता रही है, तो अब UPI लेनदेन पर शुल्क लगाने की चर्चा क्यों हो रही है।

उनका कहना है कि नोटबंदी के बाद लोगों को डिजिटल पेमेंट की ओर जाने के लिए प्रोत्साहित किया गया और UPI इसका एक बड़ा माध्यम बनकर सामने आया। ऐसे में इस पर शुल्क लगाने का कोई भी फैसला डिजिटल भुगतान को प्रभावित कर सकता है।

MDR को लेकर भी सरकार से सवाल

खरगे ने UPI पर MDR यानी Merchant Discount Rate को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वित्त मंत्री संसद में UPI पर किसी टैक्स या चार्ज की बात से इनकार कर चुकी हैं, लेकिन दूसरी ओर कुछ रिपोर्टों में बड़े UPI लेनदेन पर संभावित शुल्क की चर्चा हो रही है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या वास्तव में 5,000 रुपये के लेनदेन पर 25 रुपये और 10,000 रुपये के लेनदेन पर 50 रुपये तक की वसूली की जा सकती है।

सरकार से स्थिति साफ करने की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से UPI चार्ज को लेकर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। उनका कहना है कि आम जनता के बीच इस मुद्दे को लेकर भ्रम की स्थिति है और सरकार को बताना चाहिए कि क्या UPI लेनदेन पर किसी तरह का शुल्क लगाने का प्रस्ताव है या नहीं।

हालांकि, खरगे के बयान में किए गए शुल्क संबंधी दावों को संभावित/रिपोर्टेड प्रस्ताव के रूप में देखा जाना चाहिए। UPI पर किसी नए चार्ज को लेकर अंतिम नियम या आधिकारिक फैसला होने की स्थिति में उसकी पुष्टि संबंधित सरकारी और नियामकीय घोषणा से ही होगी।

फिलहाल UPI चार्ज का मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है और कांग्रेस ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है।

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