Samachar Nama
×

ESTIC 2026: PM मोदी आज करेंगे विज्ञान-तकनीक सम्मेलन का उद्घाटन, 150 डीप-टेक स्टार्टअप दिखाएंगे अपनी ताकत

ESTIC 2026: PM मोदी आज करेंगे विज्ञान-तकनीक सम्मेलन का उद्घाटन, 150 डीप-टेक स्टार्टअप दिखाएंगे अपनी ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 27 अक्टूबर को दिल्ली के भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) का उद्घाटन करेंगे। दो दिवसीय सम्मेलन में विज्ञान, आधुनिक तकनीक और इनोवेशन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में 12 प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया जाएगा और तीन नोबेल पुरस्कार विजेता वक्ता के रूप में शामिल होंगे।

इस सम्मेलन का उद्देश्य वैज्ञानिकों, उद्योगों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप के बीच सहयोग बढ़ाना है, ताकि नई खोजों को उपयोगी तकनीकों और व्यावसायिक उत्पादों में बदला जा सके। इसका आयोजन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) कर रही है। इसमें 13 मंत्रालय भी शामिल हैं।

क्या है ESTIC 2026 की थीम?

इस साल सम्मेलन की थीम है- ‘रचनात्मक सोच से विज्ञान को गति देना और तकनीक को सशक्त बनाना।’ यह राष्ट्रीय स्तर का विज्ञान एवं नवाचार सम्मेलन है, जिसकी शुरुआत 2025 में हुई थी। इस बार इसका दूसरा संस्करण आयोजित किया जा रहा है।

सम्मेलन में वैज्ञानिक शोध, नई तकनीकों, उद्योगों की जरूरतों और भारत की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

तीन दिनों के कार्यक्रम में क्या होगा?

27 अक्टूबर: सम्मेलन का उद्घाटन, प्रमुख वैज्ञानिकों के संबोधन और मुख्य सत्र आयोजित होंगे।

28 अक्टूबर: तकनीकी चर्चाएं, रिसर्च पेपर प्रस्तुतियां और स्टार्टअप प्रदर्शनी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी। तकनीक आधारित प्रदर्शनी आम लोगों के लिए भी खोले जाने की जानकारी दी गई है।

29 अक्टूबर: विशेषज्ञों के बीच चर्चा, नवाचार से जुड़े विषयों और सहयोग की संभावनाओं पर बैठकें प्रस्तावित हैं।

आम लोगों और स्टार्टअप को क्या फायदा होगा?

सम्मेलन में नई तकनीकों को देखने और समझने का अवसर मिलेगा। वहीं, स्टार्टअप अपने उत्पाद प्रदर्शित कर सकेंगे और निवेशकों, विशेषज्ञों तथा बड़ी कंपनियों के साथ संपर्क स्थापित कर सकेंगे।

आयोजकों के मुताबिक, करीब 150 डीप-टेक स्टार्टअप अपनी तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। डीप-टेक स्टार्टअप वे कंपनियां होती हैं, जो वैज्ञानिक शोध या उन्नत इंजीनियरिंग के आधार पर नई तकनीक विकसित करती हैं।

वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों को अपने शोध प्रस्तुत करने, विशेषज्ञों से सीखने और नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने के अवसर मिल सकते हैं। देश के स्तर पर ऐसे आयोजन स्वदेशी तकनीक विकसित करने और आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयासों को बढ़ावा दे सकते हैं।

भारत रिसर्च और डेवलपमेंट पर कितना खर्च करता है?

भारत में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में निवेश लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023-24 में देश का रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) खर्च करीब 2.45 लाख करोड़ रुपये रहा।

विज्ञान और तकनीक से जुड़े 8 अहम सवाल-जवाब

सवाल 1: भारत रिसर्च पर कितना खर्च करता है?

जवाब: 2023-24 में भारत ने रिसर्च और डेवलपमेंट पर करीब 2.45 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें सरकारी और निजी क्षेत्र, दोनों का योगदान शामिल है।

सवाल 2: क्या रिसर्च का पूरा खर्च सरकार उठाती है?

जवाब: नहीं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल खर्च में सरकारी क्षेत्र का योगदान करीब 48.2% और निजी क्षेत्र का 51.8% था।

सवाल 3: GDP का कितना हिस्सा रिसर्च पर खर्च होता है?

जवाब: 2023-24 में भारत का R&D खर्च GDP का लगभग 0.84% था।

सवाल 4: क्या रिसर्च पर खर्च बढ़ा है?

जवाब: हां। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2019-20 में R&D खर्च करीब 1.33 लाख करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर लगभग 2.45 लाख करोड़ रुपये हो गया।

सवाल 5: रिसर्च के पैसे का इस्तेमाल कहां होता है?

जवाब: इसका इस्तेमाल नई दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, कृषि तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान, ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य वैज्ञानिक क्षेत्रों में किया जाता है।

सवाल 6: निजी कंपनियां रिसर्च में निवेश क्यों करती हैं?

जवाब: नई तकनीक और उत्पाद विकसित करने, मौजूदा उत्पादों को बेहतर बनाने और कारोबार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए कंपनियां रिसर्च में निवेश करती हैं।

सवाल 7: रिसर्च पर खर्च बढ़ाना क्यों जरूरी है?

जवाब: इससे नई खोजों, तकनीकी विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, महत्वपूर्ण तकनीकों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

सवाल 8: ESTIC 2026 की इसमें क्या भूमिका है?

जवाब: सम्मेलन का उद्देश्य वैज्ञानिकों, कंपनियों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप के बीच सहयोग बढ़ाना है, ताकि नई खोजों को उपयोगी तकनीकों में बदला जा सके और भारत की वैज्ञानिक क्षमता मजबूत हो।

स्वदेशी तकनीक और इनोवेशन पर रहेगा जोर

ESTIC 2026 में वैज्ञानिक शोध को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने और नई तकनीकों के व्यावहारिक इस्तेमाल पर ध्यान दिया जाएगा। सम्मेलन से शोधकर्ताओं और स्टार्टअप को सहयोग के नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि यहां सामने आने वाले विचारों और तकनीकों को आगे चलकर किस तरह लागू किया जाता है।

Share this story

Tags