कांग्रेस को असम में लगा बड़ा झटका, प्रद्युत बोरदोलोई ने छोड़ दी पार्टी थामा BJP का दामन
असम में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। 2026 के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान पहले ही हो चुका है। वोटिंग 9 अप्रैल को होनी है और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। हालांकि, वोटिंग शुरू होने से पहले ही कांग्रेस पार्टी को एक बुरी खबर मिली है। पार्टी के एक अनुभवी और कद्दावर नेता ने पाला बदल लिया है, जिससे चुनावी मैदान में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद इस खबर की पुष्टि की है कि कांग्रेस के मौजूदा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। प्रद्युत बोरदोलोई राजनीतिक गलियारों में कोई अनजान चेहरा नहीं हैं; वह असम की राजनीति के एक मंझे हुए खिलाड़ी हैं और इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। हालांकि, सांसद के तौर पर उनका कार्यकाल अभी तीन साल बाकी था, लेकिन चुनावों से ठीक पहले पाला बदलकर उन्होंने सबको चौंका दिया है।
चुनावों से ठीक पहले असम के राजनीतिक समीकरण बदले
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रद्युत बोरदोलोई जैसे वरिष्ठ नेता के पार्टी में शामिल होने से राज्य में BJP की स्थिति काफी मज़बूत होगी। पार्टी में उनके शामिल होने को दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मंज़ूरी भी मिल चुकी थी। चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस के एक मौजूदा सांसद का पार्टी छोड़कर BJP में शामिल होना इस बात का संकेत है कि पर्दे के पीछे राजनीतिक समीकरण कितनी तेज़ी से बदल रहे हैं।
अब, पूरे असम में चर्चा का सबसे अहम मुद्दा यह है कि कांग्रेस आखिर इतने कद्दावर नेता को अपने साथ बनाए रखने में नाकाम क्यों रही? चुनावों के नज़दीक होने पर, ऐसे नाज़ुक मोड़ पर किसी राजनीतिक दिग्गज का पार्टी छोड़कर जाना किसी भी राजनीतिक दल के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकता है। अब यह देखना बाकी है कि प्रद्युत बोरदोलोई के आने से BJP को ज़मीनी स्तर पर कितना फ़ायदा मिलता है, और कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे कर पाती है। एक बात तो तय है: इस बार असम का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है।

