प्रतिबंधित कैप्सूल की धड़ल्ले से बिक्री पर सियासत गर्म: कांग्रेस नेता परगट सिंह ने मान सरकार को घेरा, कड़ी कार्रवाई की मांग
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रतिबंधित कैप्सूल की बिक्री को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद इन कैप्सूल की बिक्री अलग-अलग नामों से जारी है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने में सरकार विफल रही है और जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
2021 में लगाया गया था प्रतिबंध
परगट सिंह के मुताबिक, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में साल 2021 में पंजाब के कई जिलों में इन कैप्सूल की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद कथित तौर पर इन्हें अलग-अलग नामों से बेचा जाता रहा। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब इन कैप्सूल की बिक्री पर रोक थी, तो बाजार में इनकी उपलब्धता कैसे बनी रही?
2023 की घटना का भी किया जिक्र
मीडिया से बातचीत के दौरान परगट सिंह ने साल 2023 की एक घटना का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस मामले से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना मौजूद है। उनके अनुसार, उस दौरान एक दुकानदार को प्रतिबंधित कैप्सूल बेचते हुए पकड़ा गया था।कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पहले से प्रतिबंधित होने के बावजूद बिक्री जारी रहने का मामला सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
छह दुकानें बंद करने और लाइसेंस रद्द करने का दावा
परगट सिंह ने दावा किया कि हालिया घटना के बाद छह दुकानों को बंद किया गया और उनके लाइसेंस रद्द कर दिए गए। उन्होंने इसे प्रतिबंधित कैप्सूल की बिक्री से जुड़ी कार्रवाई का संकेत बताया।उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के प्रति सम्मान होना चाहिए, लेकिन अगर जनस्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाले लोग ही कथित तौर पर भ्रष्टाचार में शामिल हों, तो आम जनता किस पर भरोसा करेगी? उन्होंने सरकार पर मामले को गंभीरता से न संभालने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस की सरकार बनने पर कार्रवाई का वादा
परगट सिंह ने चेतावनी दी कि यदि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।फिलहाल, ये आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की ओर से लगाए गए हैं। मामले में AAP सरकार का पक्ष और संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने आने पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

