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'हटाए गए वोटरों का हिसाब दे आयोग': CWC बैठक में खरगे ने उठाई मांग, SIR प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल

'हटाए गए वोटरों का हिसाब दे आयोग': CWC बैठक में खरगे ने उठाई मांग, SIR प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल

कांग्रेस की सबसे बड़ी नीति निर्धारक संस्था कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की मंगलवार को अहम बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और CWC के अन्य सदस्यों को भी बैठक में बुलाया गया। बैठक का प्रमुख मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, मतदाता सूचियों में बदलाव और चुनाव आयोग के साथ जारी विवाद रहा।

खरगे ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप

CWC बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने SIR और मतदाता सूचियों को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।

खरगे ने दावा किया कि मतदाता सूचियों से नाम हटाए जा रहे हैं और इससे योग्य मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा और उनके खिलाफ कड़े आरोप लगाए।

खरगे ने CEC को पद से हटाने की मांग भी दोहराई। ये कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक आरोप और मांगें हैं।

'लोकतंत्र की नींव कमजोर की जा रही'

खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव लंबे संघर्ष और संविधान के जरिए तैयार हुई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में इस व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिशें हुई हैं। मतदाता सूची को लेकर उन्होंने कहा कि किसी योग्य नागरिक का नाम बिना उचित प्रक्रिया के वोटर लिस्ट से नहीं हटना चाहिए।

कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में होने वाले बदलाव पूरी तरह पारदर्शी होने चाहिए और प्रभावित मतदाताओं को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए।

CEC पर भरोसे को लेकर खरगे का सवाल

खरगे ने चुनाव आयोग को मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा करने वाली संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि आयोग की विश्वसनीयता बनी रहना जरूरी है।

उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े मुद्दों पर कथित मतभेदों का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में मुख्य चुनाव आयुक्त पर जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा।

हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े आदेश आयोग की मंजूरी से जारी हुए हैं। आयोग ने मतदाता पंजीकरण के Form-6 को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

Form-6 को लेकर भी विवाद

CWC बैठक में खरगे ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म से जुड़े नियमों में बदलाव से युवाओं के मताधिकार पर असर पड़ सकता है।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को SIR और मतदाता सूची में बदलाव से जोड़ते हुए चुनाव आयोग से पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

राहुल गांधी के पुराने आरोपों का भी जिक्र

खरगे ने अपने भाषण में राहुल गांधी की ओर से मतदाता सूचियों को लेकर पहले उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया।

उन्होंने महादेवपुरा, अलंद, हरियाणा और महाराष्ट्र से जुड़े मामलों में कथित डुप्लीकेट मतदाताओं, संदिग्ध पतों और मतदाता सूची में विसंगतियों का मुद्दा उठाया।

कांग्रेस का कहना है कि इन मामलों पर चुनाव आयोग को समय रहते जवाब देना चाहिए था।

कांग्रेस ने रखीं 5 बड़ी मांगें

CWC बैठक में खरगे ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की कई मांगें सामने रखीं।

कांग्रेस की प्रमुख मांगों में—

पहली, मतदाता सूची में बड़े बदलाव से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।

दूसरी, जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें इसकी जानकारी दी जाए और अपील का अवसर मिले।

तीसरी, राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और संबंधित आंकड़े समय पर उपलब्ध कराए जाएं।

चौथी, गंभीर विसंगतियों के मामलों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए।

पांचवीं, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों और फैसलों में ज्यादा पारदर्शिता लाई जाए।

'वोटबंदी' शब्द का इस्तेमाल कर सरकार पर निशाना

खरगे ने अपने भाषण में 'वोटबंदी' शब्द का इस्तेमाल करते हुए सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि गरीब, दलित और वंचित वर्ग के लिए उसका वोट सबसे महत्वपूर्ण अधिकारों में से एक है और मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इस अधिकार पर असर नहीं पड़ना चाहिए।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को आने वाले चुनावों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण बताया है।

CEC को हटाने की मांग दोहराई

CWC बैठक में कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई।

खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी तरह का दबाव था तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार से भी जवाब मांगा है।

कांग्रेस बोली- मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं

खरगे ने कहा कि कांग्रेस के मुताबिक यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ी है।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का भरोसा कायम रहना चाहिए।

वहीं, चुनाव आयोग खुद को संविधान के तहत चुनाव प्रक्रिया संचालित करने वाली स्वायत्त संस्था बताता है और अपनी वेबसाइट पर SIR-2026 तथा मतदाता सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करा रहा है।

अब देखना होगा कि SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच चल रहा यह विवाद आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है और क्या इस मुद्दे पर कोई नई प्रक्रिया या स्पष्टीकरण सामने आता है।

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