Coal Scam Case: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर दी क्लीन चिट
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने हाई-प्रोफाइल कोल ब्लॉक आवंटन मामले में क्लीन चिट दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और 2014 में CBI की स्पेशल कोर्ट द्वारा जारी समन आदेश को रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का कोई ठोस आधार नहीं था। गौरतलब है कि डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर, 2024 को 92 साल की उम्र में निधन हो गया था।
यह मामला कब शुरू हुआ?
यह मामला तब सामने आया जब CBI की एक स्पेशल कोर्ट ने कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़े एक मामले में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को आरोपी के तौर पर समन भेजा। उस समय, प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ उनके पास कोयला मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी था। समन जारी होने के बाद, डॉ. मनमोहन सिंह 2015 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने शुरुआती सुनवाई के दौरान समन पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद यह मामला लंबे समय तक कोर्ट में लंबित रहा।
मनमोहन सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं
इस दौरान, CBI ने विस्तृत जांच की और कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। हालांकि, CBI कोर्ट ने उस समय क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया था। अब, CBI की जांच और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है।
यह उल्लेखनीय है कि कोल ब्लॉक आवंटन विवाद देश के सबसे हाई-प्रोफाइल मामलों में से एक था, जिसमें UPA सरकार के कार्यकाल के दौरान किए गए आवंटन को लेकर कई जांच और कानूनी कार्यवाही शामिल थीं। सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा फैसले के साथ, इस मामले में डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ लंबित कानूनी विवाद पूरी तरह से खत्म हो गया है।

