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CEC Gyanesh Kumar Hearing: आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, SIR के 14 फैसलों से लेकर 13 करोड़ नाम हटाने तक उठे सवाल
 

CEC Gyanesh Kumar Hearing: आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, SIR के 14 फैसलों से लेकर 13 करोड़ नाम हटाने तक उठे सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर उठे विवाद पर आज यानी 5 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। उनके खिलाफ दायर दो याचिकाओं में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े फैसलों, चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित बदलावों पर सवाल उठाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की लिस्टिंग में भी 5 अक्टूबर की सुनवाई दर्ज है।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि SIR से जुड़े करीब 14 फैसले चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति के बिना लिए गए। हालांकि, ये आरोप फिलहाल याचिकाओं और संबंधित रिपोर्टों में लगाए गए हैं और इन पर अदालत का फैसला आना बाकी है।
CJI सूर्यकांत की बेंच करेगी सुनवाई
मामले की सुनवाई CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ करेगी। इसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं। याचिकाओं में CEC के कामकाज पर रोक लगाने से लेकर SIR से जुड़े फैसलों की वैधता की जांच तक कई मांगें की गई हैं।
14 फैसलों को लेकर क्या है विवाद?
याचिकाओं में दावा किया गया है कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कम से कम 14 मौकों पर लिखित आपत्तियां या असहमति दर्ज कराई थीं।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इसके बावजूद संबंधित फैसलों और निर्देशों को चुनाव आयोग के फैसले के तौर पर लागू किया गया। इसी आधार पर चुनाव आयोग की बहुसदस्यीय निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।
SIR और वोटर लिस्ट पर भी गंभीर आरोप
याचिकाओं में देशभर में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने इस पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
इसके अलावा ECINet और ERONet जैसे चुनावी डेटाबेस में किए गए कथित बदलावों की फोरेंसिक जांच कराने की मांग भी रखी गई है। याचिका में Form 6 से जुड़े रिकॉर्ड और मतदाता डेटा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
SIT या स्वतंत्र जांच की मांग
एक याचिका में SIR से जुड़े विवादित फैसलों और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया की जांच के लिए स्वतंत्र SIT या न्यायिक जांच आयोग बनाने की मांग की गई है।
प्रस्तावित जांच में साइबर सिक्योरिटी और IT विशेषज्ञों को शामिल करने तथा चुनावी डेटाबेस का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग भी की गई है।
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी
याचिकाओं में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अंतरिम कार्रवाई की मांग भी की गई है। एक याचिका में उनके निलंबन की मांग की गई है, जबकि दूसरी में कथित तौर पर एकतरफा लिए गए फैसलों को रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
याचिकाकर्ताओं ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 32 के तहत भी कार्रवाई की मांग उठाई है।
विवाद के बीच बढ़ा राजनीतिक दबाव
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद भी लगातार बढ़ रहा है। विपक्षी दल SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
4 अक्टूबर को मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ, जिसमें CEC के इस्तीफे और महाराष्ट्र में SIR को रद्द करने की मांग उठाई गई।
वहीं, INDIA गठबंधन ने भी 7 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर संयुक्त विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
आज सुप्रीम कोर्ट में क्या होगा?
आज की सुनवाई में सबसे अहम सवाल यह होगा कि सुप्रीम कोर्ट इन याचिकाओं में लगाए गए आरोपों पर किस तरह आगे बढ़ता है। अदालत SIR से जुड़े फैसलों, चुनाव आयोग की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया और CEC के खिलाफ मांगी गई राहतों पर सुनवाई कर सकती है।
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई तत्काल कार्रवाई होगी। आज की सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सुप्रीम कोर्ट मामले में नोटिस जारी करता है, जांच की मांग पर विचार करता है या याचिकाओं पर कोई अन्य आदेश देता है।
 

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