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बृजभूषण का बड़ा बयान: 'ज्ञानेश का इस्तीफा मांगने वाले पहले चुनाव जीतें, मस्क के इशारे पर हो रहा ड्रामा'

बृजभूषण का बड़ा बयान: 'ज्ञानेश का इस्तीफा मांगने वाले पहले चुनाव जीतें, मस्क के इशारे पर हो रहा ड्रामा'

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश की राजनीति में घमासान जारी है। कांग्रेस समेत इंडिया अलायंस के कई दल कथित वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों के मुद्दे पर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी इस मामले में मोर्चा खोल रखा है। वहीं, विपक्ष के आरोपों के बीच बीजेपी और एनडीए के नेता चुनाव में गड़बड़ियों के आरोपों को खारिज कर रहे हैं।

इसी बीच बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने विपक्ष के आंदोलन पर सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन एलन मस्क के इशारे पर हो रहा है। हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने पहले मस्क का नाम गलत लिया, लेकिन बाद में स्पष्ट रूप से एलन मस्क का जिक्र किया।

‘इस्तीफा चाहिए तो 2029 में जनता के पास जाइए’

गुरुवार को उन्नाव पहुंचे कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक मंदिर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष को घेरा।

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अगर विपक्ष को ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा चाहिए, तो उसे 2029 में जनता के बीच जाना चाहिए। चुनाव जीतकर सरकार बनाइए, नया कानून बनाइए और फिर इस्तीफा लेने की बात कीजिए।

उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी के मांग करने भर से संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के इस्तीफे होने लगेंगे, तो देश में कोई पद ही नहीं बचेगा।

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी बोले बृजभूषण

बृजभूषण शरण सिंह ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि साल 2023 तक नियुक्ति के लिए मौजूदा जैसी स्पष्ट प्रक्रिया नहीं थी। उनके मुताबिक, पहले सरकार अपनी पसंद के व्यक्ति को चुनाव आयुक्त नियुक्त कर सकती थी। उन्होंने एम.एस. गिल और नवीन चावला का भी उदाहरण दिया।

उन्होंने कहा कि बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर व्यवस्था बनाई गई।

‘प्रक्रिया से बने हैं ज्ञानेश कुमार, फिर इस्तीफा क्यों?’

बीजेपी के पूर्व सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए नई व्यवस्था बनाई गई। इसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री की भूमिका होती है।

बृजभूषण शरण सिंह के अनुसार, ज्ञानेश कुमार इसी निर्धारित प्रक्रिया से मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि जब नियुक्ति तय प्रक्रिया के तहत हुई है, तो उनके इस्तीफे की मांग क्यों की जा रही है?

सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है मामला

कथित वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों को लेकर जारी राजनीतिक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि बीजेपी और एनडीए के नेता आरोपों को नकार रहे हैं।

फिलहाल, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। आने वाले दिनों में इस मामले पर अदालत की कार्यवाही और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर सबकी नजर रहेगी।

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