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BREAKING : राजस्थान नगर निगम रिजल्ट: 4 बड़ी सीटों के नतीजे जारी, 3 निगमों में बीजेपी के मेयर; जानें कांग्रेस का हाल

BREAKING : राजस्थान नगर निगम रिजल्ट: 4 बड़ी सीटों के नतीजे जारी, 3 निगमों में बीजेपी के मेयर; जानें कांग्रेस का हाल

राजस्थान के निकाय चुनाव में सोमवार को मेयर, सभापति और चेयरमैन पदों के नतीजे आने के साथ ही कई शहरों की तस्वीर साफ हो गई। पांच नगर निगमों—अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, अलवर और पाली—में मेयर पद के लिए मतदान हुआ। इसके अलावा नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में भी अध्यक्ष पद के चुनाव हुए।सबसे ज्यादा चर्चा बीकानेर की रही, जहां कांग्रेस के अनिल कल्ला मेयर चुने गए। वहीं पाली, उदयपुर और अलवर समेत कई बड़े शहरों में भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। भरतपुर में भाजपा की अनुराधा सिंह पहले ही निर्विरोध मेयर चुनी जा चुकी थीं।

बीकानेर में कांग्रेस की बड़ी जीत

बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला ने मेयर पद पर जीत दर्ज की। 80 पार्षदों वाले निगम में कांग्रेस को 50 वोट मिले। इससे कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल बन गया।

चुनाव से पहले बीकानेर में कांग्रेस के पास 42 पार्षदों का बहुमत था और भाजपा के पास 27 पार्षद थे। कांग्रेस के बागी उम्मीदवार नवरतन डागा के नाम वापस लेने के बाद अनिल कल्ला और भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच मुकाबला रह गया था।

पाली में भाजपा का बोर्ड

पाली नगर निगम में भी मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। यहां भाजपा प्रत्याशी नमिता बुबकिया मेयर चुनी गईं।

नमिता बुबकिया को 33 वोट मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी राजबाला को 29 वोट और कांग्रेस प्रत्याशी सुमित्रा को 3 वोट मिले। पाली में पहले कांग्रेस के पास ज्यादा पार्षद थे, लेकिन मेयर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

उदयपुर में भाजपा के पारस सिंघवी जीते

उदयपुर नगर निगम में भाजपा के पारस सिंघवी ने मेयर पद पर जीत दर्ज की। उदयपुर में भाजपा के पास पहले से ही स्पष्ट बहुमत था, इसलिए यहां पार्टी की स्थिति मजबूत थी।

अलवर में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल विजयी

अलवर नगर निगम में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल ने मेयर पद पर जीत दर्ज की। यहां भी भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम मानी जा रही थी। नतीजे के बाद अलवर में भाजपा का बोर्ड बन गया।

भरतपुर में अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर

भरतपुर नगर निगम में भाजपा की अनुराधा सिंह पहले ही निर्विरोध मेयर चुनी जा चुकी थीं। सोमवार को उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।

पदभार संभालने के बाद अनुराधा सिंह ने सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने सभी वार्डों में विकास कराने और नगर निगम में पारदर्शिता पर जोर देने की बात भी कही।

छोटे शहरों में भी कई बड़े उलटफेर

नगर निगमों के अलावा नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में भी कई दिलचस्प नतीजे सामने आए।

नोखा: CPI(M) समर्थित विकास मंच के बजरंग सोनी ने भाजपा के दिनेश सुथार को हराया। विकास मंच को 32 और भाजपा को 13 वोट मिले। यह लगातार पांचवीं बार है जब वहां विकास मंच का बोर्ड बना।

करौली: कांग्रेस के सुनील सैनी सभापति चुने गए। उन्हें 30 वोट मिले, जबकि भाजपा के वीरेंद्र शर्मा को 25 वोट मिले।

सैपऊ: भाजपा के पप्पू ने 16 वोट हासिल कर कांग्रेस के मुनेश कुशवाहा को हराया। कांग्रेस को 4 वोट मिले।

सपोटरा: भाजपा की सपना बैरवा अध्यक्ष बनीं। उन्हें 16 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की कविता महावर को 4 वोट मिले।

टोडारायसिंह: भाजपा के संत कुमार जैन तीसरी बार अध्यक्ष बने। उन्हें 28 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 7 वोट मिले।

देवली: भाजपा की कजोड़ी देवी पालिकाध्यक्ष बनीं। भाजपा को 24 और कांग्रेस को 11 वोट मिले। चुनाव के दौरान पार्षदों के अलग-अलग अंदाज में पहुंचने की तस्वीरें भी चर्चा में रहीं।

पीपलू: भाजपा के रमेश वर्मा चेयरमैन बने। उन्हें 13 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 7 वोट मिले।

दांता: कांग्रेस के भंवर लाल कुमावत चेयरमैन बने। कांग्रेस को 14 और भाजपा को 11 वोट मिले।

राजसमंद: भाजपा की अनीता पालीवाल सभापति चुनी गईं। उन्हें 30 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के मोहनलाल कुमावत को 15 वोट मिले।

चुनाव के दौरान कई जगह हंगामा भी

निकाय चुनाव के दौरान राजस्थान के कई शहरों में राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिली। सीकर के फतेहपुर में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद के बाद पुलिस कार्रवाई की खबर सामने आई। दौसा में भी मतदान के दौरान भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच नारेबाजी हुई।

अजमेर में पार्षदों को लेकर जा रही बस को रोके जाने के बाद पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विरोध हुआ। वहीं तिजारा से जुड़े पार्षदों को हरियाणा में रोके जाने के आरोपों को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया। इन घटनाओं पर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए।

अब राजस्थान के निकाय चुनाव में क्या तस्वीर?

राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों में इस बार भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों के बीच कई जगह सीधा मुकाबला देखने को मिला। चुनाव से पहले घोषित वार्ड परिणामों में भाजपा ने 4,179 वार्ड, कांग्रेस ने 3,613 और निर्दलीयों ने 2,273 वार्ड जीते थे, जिससे कई निकायों में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई थी।

अब मेयर और अध्यक्ष पदों के नतीजे सामने आने के बाद कई शहरों में बोर्ड की तस्वीर साफ हो गई है। हालांकि जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों के प्रमुख पदों के चुनाव बाद की तारीख के लिए निर्धारित हैं, इसलिए राजस्थान के बड़े नगर निगमों की पूरी तस्वीर अभी बाकी है।

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