BREAKING : CJP Protest: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, मुंबई में ‘जेल भरो आंदोलन’, दिल्ली में 11 मेट्रो स्टेशन बंद
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया था कि आंदोलन की शुरुआत मुंबई से होगी और आगे इसे देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की योजना है।
मुंबई में ‘जेल भरो आंदोलन’ की तैयारी
CJP ने मुंबई के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि यह आंदोलन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। मुंबई पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद CJP ने ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया था।
CJP की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी ने 2025 की मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने और चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग भी रखी है। ये CJP के आरोप और मांगें हैं, जिन पर निर्वाचन आयोग की ओर से अलग-अलग स्पष्टीकरण और प्रक्रियात्मक जवाब सामने आए हैं।
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं
दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी 2 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा बढ़ाई गई है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है और नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं। पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद
प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली के 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं। कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई है।
विपक्ष और छात्र संगठनों का भी प्रदर्शन
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को AISA, राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण समेत कुछ विपक्षी और नागरिक समूहों का समर्थन बताया गया है। प्रदर्शनकारियों की मांगों में CEC के इस्तीफे या महाभियोग और मतदाता सूची तथा SIR प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही की मांग शामिल है।
इस बीच मुंबई में CJP के आंदोलन और दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दोनों शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। आंदोलन को लेकर आगे की स्थिति पर पुलिस और आयोजकों के अगले कदम पर नजर बनी हुई है।

