जंतर-मंतर आंदोलन की 13 FIR पर बड़ा अपडेट, दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई अर्जी; CJP ने बताया सकारात्मक कदम
जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े करीब 13 FIR मामलों को लेकर दिल्ली से बड़ी खबर सामने आई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने इन मामलों को आगे न बढ़ाने और FIR को खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उनके मुताबिक, पुलिस ने शीर्ष अदालत में आवेदन दाखिल करते हुए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है।
हालांकि, FIR खत्म होने को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अदालत पुलिस की मांग पर क्या रुख अपनाती है।
करीब 13 FIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची पुलिस
सौरव दास के अनुसार, दिल्ली पुलिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर आवेदन में जंतर-मंतर आंदोलन से संबंधित करीब 13 FIR का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने कथित तौर पर इन मामलों को आगे नहीं बढ़ाने और FIR को समाप्त करने की मांग की है।
पुलिस की ओर से इस मांग के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का हवाला दिए जाने की बात कही जा रही है। अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को किसी मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक आदेश जारी करने की शक्ति देता है।
फिलहाल यह देखना अहम होगा कि शीर्ष अदालत इस आवेदन पर क्या निर्णय लेती है।
CJP ने कदम का किया स्वागत
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस के कथित आवेदन को सकारात्मक घटनाक्रम बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में वह खुद भी मौजूद रहेंगे।
दास के मुताबिक, पार्टी की प्राथमिकता उन युवाओं के हितों की रक्षा करना है जो इन मामलों से प्रभावित हुए हैं।
'युवाओं को अकेला नहीं छोड़ेंगे'
सौरव दास ने दावा किया कि CJP ने शुरुआत से ही प्रभावित युवाओं के साथ खड़े रहने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पार्टी इन युवाओं को अकेला नहीं छोड़ेगी और उन्हें हर संभव कानूनी व अन्य सहायता देने की कोशिश जारी रखेगी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि 25 जुलाई को मिले भरोसे के बाद एक वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधिमंडल लगातार उनके साथ संपर्क में रहा है और मामले को सुलझाने को लेकर बातचीत चलती रही है।
पुडुचेरी में भी हुई बातचीत
CJP प्रवक्ता ने बताया कि जब वह पुडुचेरी में थे, तब भी एक वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा था। उनके अनुसार, प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दौर की बातचीत हुई।
इन बैठकों में मुख्य रूप से FIR और मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। दास का कहना है कि अब दिल्ली पुलिस द्वारा सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया जाना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक घटनाक्रम है।
5 सितंबर को इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक मार्च
इस बीच CJP ने 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने की अपील की गई है।
पार्टी का कहना है कि यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा और इसके जरिए संबंधित मामलों को लेकर अपनी मांगें सामने रखी जाएंगी।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी नजर
जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़ी इन FIR को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। दिल्ली पुलिस की ओर से कथित तौर पर FIR खत्म करने की मांग किए जाने के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच सकती है।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सभी FIR खत्म हो गई हैं। अंतिम स्थिति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में अदालत की सुनवाई, दिल्ली पुलिस की दलीलों और CJP की आगे की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।

