लौह स्तम्भ जो इस वजह से बना हुआ है भारत की शान

दिल्ली के लौह स्तम्भ में 98 प्रतिशत मात्रा लोहे की है। जिसे गुप्त साम्राज्य के चन्द्रगुप्त द्वितीय ने 1600 ईस्वी में बनाया था।

आपको जानकार हैरानी होगी कि यह स्तम्भ विदिषा (विष्णुपदगिरी/उदयगिरि – मध्यप्रदेश) में स्थापित किया गया था। जिसे बाद में दिल्ली लाया गया।

22 फुट ऊंचे इस स्तंभ का औसत व्यास 4:30 फुट है। लौह स्तम्भ 7 मीटर ऊँचा है और इसका वजन 6000 किलो से अधिक है।

इसके बार में वॉन डेनिकेन के सिद्धांत पर विश्वास करने वाले लोगों का कहना है कि यह स्तंभ भी अंतरिक्ष वासियों के योगदान से ही निर्मित हो पाना संभव हुआ।

आईआईटी के प्रोफेसर की एक शोध के अनुसार स्तम्भ के लोहे को बनाते समय पिघले हुए कच्चे लोहे में में फ़ास्फ़रोस तत्व मिलाया गया था। जिस वजह से अणु बंध नही बना पाए और अभी तक जंग नही लगी।

