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TMC दफ्तर से ₹1.02 करोड़ कैश बरामद, बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी बोले- भ्रष्टाचार का छोटा हिस्सा

TMC दफ्तर से ₹1.02 करोड़ कैश बरामद, बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी बोले- भ्रष्टाचार का छोटा हिस्सा

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यालय से पुलिस ने 1.02 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की है। बताया जा रहा है कि यह कार्यालय बागी TMC विधायक शमीम अहमद का है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस बरामदगी को लेकर ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने राज्य का राजस्व हड़प लिया है और बरामद रकम कथित भ्रष्टाचार का बेहद छोटा हिस्सा है।

वहीं, TMC ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निगरानी में रखे गए कार्यालय में जानबूझकर झूठे सबूत रखे गए हैं।

शुभेंदु अधिकारी बोले- यह उनकी रोज की कमाई

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नकदी बरामदगी पर तंज कसते हुए कहा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए यह रकम कुछ भी नहीं है। यह उनकी रोज की कमाई का हिस्सा थी।

डायमंड हार्बर के एडिशनल एसपी अभिषेक मजूमदार के मुताबिक, पुलिस ने यह छापेमारी अभिषेक बनर्जी के गिरफ्तार सहयोगी सुमित रॉय से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर की। रॉय कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पुलिस हिरासत में है।

अभिषेक बनर्जी पर पहले भी लगे हैं गंभीर आरोप

अभिषेक बनर्जी को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले भी कई विवाद सामने आ चुके हैं। उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में आरोप लगाए गए हैं।

1. कोयला तस्करी मामला: पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन और तस्करी से जुड़े मामले में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के कमीशन और राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगे हैं।

2. शिक्षक भर्ती घोटाला: SSC भर्ती मामले में सरकारी स्कूलों में नियुक्तियों के दौरान अनियमितताओं और पैसों के लेनदेन का आरोप सामने आया था। इस मामले में अभिषेक बनर्जी की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक आरोप लगाए गए हैं।

3. गौ-तस्करी मामला: भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशियों की कथित अवैध तस्करी और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क को लेकर भी राजनीतिक विवाद हुआ है। इस मामले में राजनीतिक संरक्षण और काले धन के लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं।

हालांकि, इन आरोपों को साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता। ताजा नकदी बरामदगी के मामले में भी पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

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