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'हमारा हौसला बुलंद है, हमारा इरादा अटूट है,' राष्ट्र के नाम संबोधन में बोले प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संशोधन विधेयक गिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज मैं देश की माताओं, बहनों और बेटियों से बात करने आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। इसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं।
'हमारा हौसला बुलंद है, हमारा इरादा अटूट है,' राष्ट्र के नाम संबोधन में बोले प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संशोधन विधेयक गिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज मैं देश की माताओं, बहनों और बेटियों से बात करने आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। इसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि साथियों, हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सबकुछ हो जाता है, दल हित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति और देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है। कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। देश की नारी शक्ति देख रही थी। मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ, जब नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेज थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया, वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान और उसके आत्मसम्मान पर चोट थी, लेकिन नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती है।

उन्होंने कहा कि संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो वो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था। संसद में शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम का जिन भी दलों ने विरोध किया, उनसे मैं दो टूक कहूंगा, ये लोग नारी शक्ति को हल्के में ले रहे हैं। वो भूल रहे हैं, 21वीं सदी की हर नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वो उनकी मंशा भांप रही है और सच्चाई भी भली भांति जान चुकी है, इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, उसकी उनकी सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया और जनता द्वारा इसकी सजा से भी वो बच नहीं पाएंगे। सदन में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से भी कुछ छीनने का नहीं था। नारी शक्ति वंदन संशोधन हर किसी को कुछ न कुछ देने का था।

पीएम मोदी ने कहा कि ये 40 साल से लटके हुए नारी हक को 2029 के लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था। यह संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नया अवसर देने और नई उड़ान देने का प्रयास था। देश की आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नीयत के साथ ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र प्रयास था। नारी को भारत की विकास यात्रा में सहयात्री बनने और सबको जोडने का प्रयास था। नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। यह संशोधन उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम सभी राज्यों की और हर राज्य की शक्ति में समान वृद्धि का प्रयास था। यह संसद में सभी राज्यों की आवाज को अधिक शक्ति देने का प्रयास था। राज्य छोटा हो या बड़ा हो, आबादी कम हो ज्यादा हो...सबकी सामान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी, लेकिन इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है। ये कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और सपा जैसे दल इस भ्रूण हत्या के गुनाहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी है, ये देश की नारी के अपराधी हैं। कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है। उसने हमेशा से ही महिला आरक्षण को रोकने के लिए साजिश की। इस दिशा में पहले जितनी बार भी प्रयास हुए, उसको रोडे अटकाए। इस बार भी कांग्रेस और उसको साथियों में महिला आरक्षण को रोकने के लिए एक से बढ़कर एक झूठ का सहारा लिया।

उन्होंने कहा कि ऐसा करके इन दलों ने देश की नारी के सामने अपना असली चेहरा सामने लाने का काम किया। मुझे व्यक्तिगत तौर पर आशा थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेगी और अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने इतिहास रचने और महिलाओं के साथ खड़े होने का अवसर खो दिया। कांग्रेस खुद देश के अधिकांश हिस्सों में अपना वजूद खो चुकी है। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों के सहारे अपने वजूद को जिंदा रखे हुए। कांग्रेस यह भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत पढ़े, इसलिए कांग्रेस ने इस संशोधन का विरोध करवाकर अनेक क्षेत्रीय दलों के भविष्य को अंधकार में धकेलने का राजनीतिक षड्यंत्र रचा। कांग्रेस, सपा, डीएमके, टीएमसी और दूसरी पार्टियां इतने सालों से हर बार वही बहाने और कुतर्क बनाते आए हैं। कोई न कोई तकनीकि पेंच फंसाकर ये महिलाओं के अधिकारों पर ढाका डालते रहे हैं। देश इस राजनीतिक के गंदे खेल को समझ चुका है और उसके पीछे की वजह भी जान चुका है। नारी शक्ति वंदन के विरोध के एक बड़ी वजह इन परिवावरवादी पार्टियों का डर। इन्हें डर है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं तो इन पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। ये कभी नहीं चाहेंगे कि इनके परिवार की बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें। आज पंचायतों में लोकल बॉडीज में जिन हजारों-लाखों महिलाओं ने अपनी क्षमता को साबित किया है। जब आगे बढ़कर लोकसभा और विधानसभाओं में आना चाहती है और देश की सेवा करना चाहती हैं। परिवावादियों के भीतर उनसे असुरक्षा की भावना बैठी हुई है। परिसीमन के बाद महिलाओं के लिए कहीं ज्यादा सीटें होंगी। महिलाओं का कद बढ़ेगा, इसलिए इन लोगों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन का विरोध किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की नारी शक्ति कांग्रेस और सहयोगियों को इस पाप के लिए कभी माफ नहीं करेगी। देशवासियों, कांग्रेस और उसकी साथी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। वे इस बहाने विभाजन की आग को भड़काना चाहते हैं, क्योंकि बांटो और राज करो...कांग्रेस ये राजनीति अंग्रेजों से विरासत में सीखकर आई है और आज भी इसी के सहारे चल रही है। कांग्रेस ने हमेशा देश में दरारों को हवा देने का काम किया है, इसलिए देश में यह झूठ फैलाया गया कि परिसीमन से देश के कुछ राज्यों को नुकसान होगा, जबकि सरकार ने पहले दिन से साफ किया है कि न किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा और न किसी का प्रतिनिधित्व बदलेगा, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए। ये बिल सभी राज्यों के लिए एक अवसर था। इससे हर राज्य की सीटें बढ़तीं, लेकिन अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से इन पार्टियों ने अपने राज्यों के लोगों को भी धोखा दे दिया। जैसे कि डीएमके के पास मौका था कि वो और ज्यादा तमिल लोगों को सांसद बना सकती थी, लेकिन उसने वो मौका खो दिया। इस तरह टीएमसी के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था, लेकिन उसने भी यह मौका खो दिया।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लोहिया को तो पहले ही भूल चुकी है, लेकिन उसने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करके लोहिया के सपने को भी रौंद दिया है। महिला आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह एक एंटी-रिफॉर्म पार्टी है। कांग्रेस हर रिफॉर्म का विरोध करती है, बाधा पैदा करती है...यही कांग्रेस का इतिहास है और यही उसकी नकारात्मक राजनीति है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जनधन योजना, ट्रिपल तलाक, आर्टिकल 370, यूसीसी समेत सभी रिफॉर्म का विरोध किया। ऐसा कोई काम, जिससे देश मजबूत होता है, कांग्रेस उसमें बाधाएं खड़ी करने के लिए पूरी ताकत लगा देती है। कांग्रेस वन नेशन, वन इलेक्शन, घुसपैठियों को भगाने, एसआईआर का विरोध करती है। कांग्रेस ने सीएए पर झूठ बोलकर देश में बवंडर खड़ा करने का काम किया। कांग्रेस का एक ही पैटर्न रहा है, कोई भी रिफॉर्म आए तो बाधा डालो और झूठ बोलो। इतिहास साक्षी है, कांग्रेस ने हमेशा यही नेगेटिव रास्ता चुना है। साथियों, जो भी कार्य देश के लिए जरूरी होते हैं, कांग्रेस उसको कारपेट के नीचे डाल देती है। कांग्रेस के इस रवैये की वजह से देश विकास की ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया, जिसका वो हकदार है। आजादी के समय उस दौर में हमारे देश के साथ और भी कई देश आजाद हुए थे, ज्यादातर देश हमसे बहुत आगे निकल गए। इसकी वजह से कांग्रेस ज्यादातर रिफॉर्म को रोककर बैठी रही।

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने पड़ोसी देशों के साथ सीमा विवादों को लटकाया। कांग्रेस ने पाकिस्तान के साथ पानी बंटवारे के मामले को लटकाया। कांग्रेस ओबीसी आरक्षण के मद्दे को 40 साल तक लटकाया। कांग्रेस के इस रवैये ने हमेशा देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है। कांग्रेस के हर विरोध और प्रपंच का खामियाजा देश और देश की पीढ़ियों ने भुगता है। आज देश के सामने जितनी भी बड़ी चुनौतियां हैं, वो कांग्रेस के इसी रवैये से उपजी हैं, इसलिए ये लड़ाई केवल एक कानून की नहीं है, बल्कि कांग्रेस के उस एंटी रिफॉर्म मानसिकता के साथ है, जिसमें केवल नेगेटिविटी है। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि देश की बहन-बेटियां कांग्रेस की इस मानसिकता को करारा जवाब देकर रहेंगी।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश के महिलाओं के सपने टूटने को सरकार की नाकामी बता रहे हैं, लेकिन ये विषय कामयाबी या नाकामयाबी और क्रेडिट का था ही नहीं। मैंने संसद में भी कहा था, आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दे दीजिए, मैं इसका क्रेडिट विपक्ष के सभी लोगों को दे दूंगा, लेकिन महिलाओं को दकियानूसी सोच से देखने वाले फिर भी अपने झूठ पर अड़े रहे। नारी शक्ति को भागीदारी दिलाने की लड़ाई दशकों से चल रही है। सालों से मैं भी इसके लिए प्रयास करने वालों में से एक हूं।

उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि आज मेरे देश की माताएं-बहनें दुखी हैं, लेकिन आपके इस दुख में मैं भी दुखी हूं। संसद में भले ही हम वोटों से हार गए, लेकिन देश की सभी महिलाओं का आशीर्वाद हमारे साथ है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को हटाकर रहेंगे। हमारा हौसला भी बुलंद है और हमारा इरादा भी अटूट है। हमें केवल वक्त का इंतजार है। नारी शक्ति के सशक्तिकरण का भाजपा और एनडीए का संकल्प अक्षुण है। कल हमारे पास संख्याबल नहीं था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम हार गए। हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थकेगा नहीं। हमारे पास और भी मौके आएंगे। हमें इस संकल्प को पूरा करना ही है।

--आईएएनएस

एमएस/डीकेपी

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