बिहार में हाई-सिक्योरिटी ‘कालापानी’ जेल बनाने की तैयारी, खूंखार अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
बिहार सरकार ने राज्य में बढ़ते संगठित अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी है कि कैमूर जिले की अधौरा पहाड़ियों में एक हाई-सिक्योरिटी जेल का निर्माण किया जाएगा, जिसे ‘कालापानी’ मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
सरकार की योजना के अनुसार, यह जेल कड़े सुरक्षा मानकों के साथ तैयार की जाएगी और इसे अत्याधुनिक निगरानी व्यवस्था से लैस किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस जेल की संरचना और सुरक्षा व्यवस्था अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की ऐतिहासिक ‘सेल्युलर जेल’ (कालापानी जेल) की तर्ज पर होगी, जहां कैदियों का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग पूरी तरह समाप्त कर दिया जाता था।
डिप्टी सीएम ने कहा कि इस विशेष जेल में राज्य के सबसे खतरनाक अपराधियों, गैंगस्टरों और गंभीर मामलों में शामिल आरोपियों को रखा जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना तथा संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
प्रस्तावित जेल में उच्च स्तरीय सुरक्षा तकनीक, सीसीटीवी निगरानी, और कड़ी घेराबंदी की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही कैदियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए विशेष सुरक्षा बल की तैनाती भी की जाएगी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना को लेकर प्रारंभिक स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है और जल्द ही विस्तृत योजना तैयार कर निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इस घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य में बढ़ते अपराध पर नकेल कसने की दिशा में एक सख्त और निर्णायक पहल साबित होगा।
फिलहाल, इस प्रस्तावित जेल को लेकर प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर तैयारियां जारी हैं और आने वाले समय में इसके स्वरूप और सुरक्षा ढांचे को लेकर और विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

