जेलेंस्की ने मेरी बात सुनी होती तो आज लाखों लोग जिंदा होते, बातचीत का मौका किसी और को मिलना चाहिए: ट्रंप
वाशिंगटन, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर जेलेंस्की ने मेरी बात सुनी होती तो आज लाखों लोग जिंदा होते। वह बहुत पहले ही एक बेहतर समझौता कर सकते थे। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि जेलेंस्की इस युद्ध को समाप्त नहीं करना चाहते है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि यूक्रेन की तरफ से बातचीत का मौका किसी और को मिलना चाहिए।
ट्रंप प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट रैपिड रिस्पॉन्स 47 ने उनके साथ की गई बातचीत की वीडियो क्लिप मंगलवार को शेयर की। इसमें ट्रंप को कहते हुए सुना गया, "जेलेंस्की ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें यह युद्ध बहुत पहले ही खत्म कर लेना चाहिए था। अगर उन्होंने मेरी बात मानी होती, तो वह काफी पहले एक बेहतर समझौता कर सकते थे और लाखों लोगों की जिंदगी बच सकती थी। मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि यूक्रेन की ओर से बातचीत करने के लिए कोई और व्यक्ति आगे आए।"
ट्रंप ने कहा, "मैं रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने का समर्थन करता हूं। सच कहूं तो, जेलेंस्की हालात को बेहतर बनाने में ज्यादा मदद नहीं कर रहे हैं। मुझे लगता है कि वह इस युद्ध को खत्म नहीं करना चाहते। मैं बस यह देखना चाहता हूं कि लोग मरना बंद करें।"
एक दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि उनकी सरकार युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत में प्रगति कर रही है। उनके मुताबिक, अगर इस समय रूस पर नए आर्थिक दबाव डाले गए, तो वह बातचीत की मेज छोड़ सकता है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "मैं रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति स्थापित करने के लिए बातचीत कर रहा हूं और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहता जो रूस को बेवजह बातचीत से दूर कर दे।"
वहीं, दूसरी ओर यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की बार-बार अमेरिका से रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील कर रहे है। यूक्रेन में रूस के हमले लगातार जारी हैं। जेलेंस्की गुहार लगा रहे हैं कि लोगों की जान बचाना सबसे जरूरी है। यूक्रेन को मदद की जरूरत है।
उन्होंने कहा, ''हम अमेरिका से मजबूती दिखाने और 'लिंडसे ग्राहम' के प्रस्तावित कानून को लागू करने की अपील करते हैं। हम यूरोप से भी अपना समर्थन जारी रखने का अनुरोध करते हैं।''
उन्होंने कहा कि जब तक रूस यह बेवकूफी भरा और विनाशकारी युद्ध जारी रखता है, तब तक उसके साथ सिर्फ मुनाफा कमाने के बारे में नहीं सोचा जा सकता। हम चाहते हैं कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंध तब तक बने रहें, जब तक यह हत्याएं जारी हैं।
--आईएएनएस
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