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वाईएस जगन का हमला: गठबंधन सरकार कर रही बदले की राजनीति, पछताना पड़ेगा

वाईएस जगन का हमला: गठबंधन सरकार कर रही बदले की राजनीति, पछताना पड़ेगा
वाईएस जगन का हमला: गठबंधन सरकार कर रही बदले की राजनीति, पछताना पड़ेगा

पंचालिंगला, 13 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने दोहराया है कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार प्रतिशोधात्मक राजनीति कर रही है, लेकिन आने वाले दिनों में उसे पछतावा होगा।

गुरुवार को स्थानीय जेल में पार्टी विधायक विरुपाक्षी से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए वाईएस जगन ने कहा कि टीडीपी गठबंधन सरकार में पीड़ितों को आरोपी बनाकर उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करना आम बात हो गई है ताकि विपक्ष की आवाज दबाई जा सके और वे पिछड़े समुदाय को निशाना बना रहे हैं, जो हमारा समर्थन आधार है।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने विधायक के घर में जबरन घुसकर सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और रात में ही जन प्रतिनिधि को गिरफ्तार कर लिया और उन पर और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। टीडीपी इस हद तक गिर गई है कि सत्ताधारी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने अपनी पत्नी के कपड़े फाड़ दिए और इसका इल्जाम विधायक पर लगा दिया ताकि पुलिस उसे अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के तहत गिरफ्तार कर सके। वहीं, वाईएसआरसीपी कार्यकर्ता के घर पर हुए हमले के सबूत दिखाए जाने पर पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि जब पार्टी कार्यकर्ता पर हमला हो रहा था और उसने आपातकालीन सहायता (एसओएस) भेजी थी, तब पुलिस की निष्क्रियता के बाद विधायक अपने समर्थकों की मदद के लिए आगे आए। जब ​​विधायक अपने कार्यकर्ता हरि को सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे थे, तभी टीडीपी के गुंडों ने गाड़ी पर हमला कर दिया, जिसमें विधायक का भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। सरकार एक के बाद एक आदिवासी नेताओं को निशाना बना रही है।

उन्होंने एक साधारण सड़क दुर्घटना के मामले को गंभीर आरोपों में बदलकर अप्पलाराजू को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। उन्होंने मुस्तफा को तंबाकू सौदे के मामले में मामूली आधार पर गिरफ्तार किया और उसे अपहरण का मामला बना दिया। उन्होंने चिंताड़ा रवि कुमार को भी भीड़ को तितर-बितर करने में मदद कर रही एक महिला सहायक पुलिसकर्मी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया।

उनका मकसद स्पष्ट है कि झूठे मामले दर्ज करके राजनीतिक विरोधियों को परेशान किया जाए, लेकिन अब हालात नहीं बदलेंगे और लाल किताब वाले संविधान का पालन करने वालों को आने वाले दिनों में पछतावा होगा।

--आईएएनएस

एमएस/

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