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'तेरी बीवी तो बला की खूबसूरत...', रोज चिढ़ाते थे दोस्त, फिर पति का सब्र दे गया जवाब, कर डाला ये कांड

दिल्ली की एक महिला के साथ हुए घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के इस सनसनीखेज मामले ने सबको झकझोर कर रख दिया है। पीड़िता सीमा ने अपने पति निकुंज कुमार और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें ‘वाइफ स्वैपिंग’ की....
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दिल्ली की एक महिला के साथ हुए घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के इस सनसनीखेज मामले ने सबको झकझोर कर रख दिया है। पीड़िता सीमा ने अपने पति निकुंज कुमार और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें ‘वाइफ स्वैपिंग’ की कोशिश से लेकर सोशल मीडिया पर बदनाम करने तक शामिल हैं।

प्यार से शुरू हुआ रिश्ता, हिंसा में तब्दील

सीमा, दिल्ली की एक साधारण गृहिणी और दो बच्चों की मां हैं। उन्होंने अपनी शादीशुदा ज़िंदगी एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले युवक निकुंज के साथ शुरू की थी। शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद ही सीमा की ज़िंदगी एक डरावने सपने में बदल गई। पति ने छोटी-छोटी बातों पर झगड़ना शुरू किया और फिर शारीरिक हिंसा पर उतर आया। एक दिन तो उसने ब्लेड से सीमा के हाथ काट दिए और उसी हाल में खाना बनाने का आदेश दिया।

'वाइफ स्वैपिंग' के लिए बनाया दबाव

सीमा के अनुसार, घरेलू हिंसा के साथ-साथ उसका पति उसे जबरन 'वाइफ स्वैपिंग' जैसे अमानवीय कृत्य के लिए मजबूर करने लगा। वह सीमा को एक होटल ले गया, जहां अपने दोस्तों से मिलवाया और सीमा को अनुचित ढंग से छूने की कोशिश की गई। किसी तरह सीमा वहां से भाग निकली।

सोशल मीडिया पर बदनामी की कोशिश

सीमा का दर्द यहीं नहीं रुका। पति निकुंज ने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर उस पर सीमा की निजी तस्वीरें पोस्ट कर दीं, और उन्हें इस तरह प्रस्तुत किया मानो वह पैसे लेकर किसी के साथ संबंध बनाना चाहती हो। जब सीमा ने अपने देवर द्वारा की जा रही छेड़छाड़ की शिकायत की, तो पति ने उसे नजरअंदाज करने को कहा।

FIR और कानूनी लड़ाई की शुरुआत

आखिरकार, जब सीमा की सहनशक्ति खत्म हो गई, उसने पुलिस के पास जाकर FIR दर्ज कराई। शुरुआत में मामला केवल दहेज उत्पीड़न की धाराओं में दर्ज हुआ, लेकिन बाद में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए गए बयान में सीमा ने पति व उसके साथियों पर बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के आरोप भी लगाए। इसके बाद मामले में गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।

आरोपी की जमानत याचिका पर कोर्ट का सख्त रुख

निकुंज ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया और कहा कि यह एक वैवाहिक विवाद का हिस्सा है। उसने जमानत याचिका दाखिल की। लेकिन जब उसने फर्जी सिम कार्ड से फिर से सीमा से संपर्क करने की कोशिश की, तो अदालत का रुख कड़ा हो गया। दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया ने टिप्पणी की कि: "यह मामला सामान्य वैवाहिक विवाद नहीं है। महिला द्वारा लगाए गए आरोप उसकी गरिमा को गहराई से चोट पहुंचाने वाले हैं। आरोपी की रिहाई पीड़िता की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकती है।"

जमानत याचिका खारिज

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है, खासकर तब जब पीड़िता पहले से ही मानसिक आघात, उत्पीड़न और सामाजिक बदनामी का शिकार हो चुकी हो। न्यायालय ने निकुंज कुमार की जमानत याचिका को सख्ती से खारिज कर दिया है।

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