योगी सरकार से जनता का भरोसा उठा, अब सपा के पीडीए फॉर्मूला से ही उम्मीद : अवधेश प्रसाद
लखनऊ, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी कार्यालय और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के आवास के बाहर एक नया पोस्टर लगाया गया है, जिस पर लिखा है कि ब्राह्मण राह दिखाएगा, केवट पार लगाएगा और मिलकर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सरकार बनाएंगे।" इस पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद की प्रतिक्रिया सामने आई है।
अवधेश प्रसाद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार से लोगों का भरोसा और यकीन पूरी तरह से खत्म हो चुका है। चाहे किसान हो, युवा हो या व्यापारी, समाज का हर वर्ग किसी न किसी रूप में इस सरकार से परेशान और आहत है और बदलाव चाहता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी बात यह है कि अब भरोसा और विश्वास अखिलेश यादव के प्रति बढ़ा है। लोगों को यह भरोसा है कि भारतीय जनता पार्टी की जनविरोधी सरकार को अगर कोई बदल सकता है तो वह केवल समाजवादी पार्टी और उसका पीडीए फॉर्मूला ही है। इसलिए ब्राह्मण समाज सहित पूरा समाज अखिलेश यादव की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है। लोगों को उम्मीद है कि वेलफेयर स्टेट की जो परिकल्पना संविधान में की गई है, उसे केवल समाजवादी पार्टी ही पूरा कर सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार कल्याणकारी काम करने की बजाय व्यापार कर रही है, जबकि संविधान कहता है कि सरकारों को कल्याणकारी होना चाहिए। इसलिए लोग इस सरकार को हटाकर अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए की सरकार बनाना चाहते हैं।
कांग्रेस के 200 सीटों पर चुनाव लड़ने के होर्डिंग पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि इंडिया गठबंधन बहुत बड़े उद्देश्य के लिए बना है। कांग्रेस द्वारा लगाए गए पोस्टर कोई जिम्मेदाराना कदम नहीं है और यह भ्रम पैदा करने के लिए लगाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों के बंटवारे का फैसला अखिलेश यादव और राहुल गांधी जैसे बड़े नेता मिलकर करेंगे। सीटें नंबर के आधार पर नहीं, बल्कि जीतने की क्षमता के आधार पर तय की जाएंगी ताकि कुशासन वाली भाजपा सरकार को हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के पोस्टर से कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी और गठबंधन पूरी मजबूती के साथ सरकार बदलने में सफल होगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई और 2029 तक देश से नशा नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के दावे पर अवधेश प्रसाद ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले भी ऐसे कई दावे किए हैं जो जमीनी हकीकत से कोसों दूर रहे हैं और पूरे नहीं हो पाए। उसी तरह यह दावा भी जमीनी सच्चाई से लाखों कोस दूर है।
हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'फौजी' के टीजर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और हिटलर के बीच बातचीत दिखाने पर हो रहे विवाद पर समाजवादी सांसद ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की छवि को लेकर ऐसी विचारधारा फैलाना देशद्रोह है। नेताजी का सम्मान पूरी दुनिया में है और उनकी तुलना किसी बदनाम शख्सियत से करना राष्ट्रहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि नेताजी राष्ट्र का सम्मान थे और उनका अपमान पूरे राष्ट्र का अपमान है, ऐसा नहीं होना चाहिए।
30 अक्टूबर को प्रस्तावित जन-महाभियोग और 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की बड़ी रैली को लेकर उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को बचाने के लिए एक बड़ी हुंकार है। अखिलेश यादव, राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के तमाम नेता लोकतंत्र को बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं और यह संघर्ष मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।
जेएनयू में 'फ्री खालिद अंसारी' और 'फ्री कश्मीर' जैसे विवादित नारे और दीवारों पर लिखे गए संदेशों पर उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को कमजोर करने वाले ऐसे नारों पर पाबंदी लगनी चाहिए। देश की एकता का सूत्र मजबूत होना चाहिए।
इंडिया ब्लॉक की महारैली को लेकर दिल्ली के कारोबारी समुदाय द्वारा लिखे गए पत्र पर, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए पिछले प्रदर्शन से हुए नुकसान का हवाला देते हुए रैली टालने की मांग की है। अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह रैली खुद कारोबारियों के हित में है। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार में सभी कारोबारियों का नुकसान हो रहा है। इस नुकसान को ज्यादा दिन तक होने से रोकने और देश को बचाने के लिए ही यह रैली की जा रही है।
--आईएएनएस
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