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योगी सरकार ने व्यापक 'भूसा संग्रह अभियान' किया शुरू, संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर

लखनऊ, 7 मई (आईएएनएस)। प्रदेश में बढ़ती गर्मी और आगामी महीनों में पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ने व्यापक 'भूसा संग्रह अभियान' शुरू किया है।
योगी सरकार ने व्यापक 'भूसा संग्रह अभियान' किया शुरू, संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर

लखनऊ, 7 मई (आईएएनएस)। प्रदेश में बढ़ती गर्मी और आगामी महीनों में पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ने व्यापक 'भूसा संग्रह अभियान' शुरू किया है।

सरकार ने एक वर्ष के लिए अनुमानित 131.40 लाख क्विंटल भूसे की आवश्यकता निर्धारित की है, जिसके सापेक्ष 60.99 लाख क्विंटल भूसा संग्रह का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक 26.78 लाख क्विंटल भूसे का संग्रह किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 43.9 प्रतिशत है।

इस अभियान के अंतर्गत दान एवं क्रय दोनों माध्यमों से भूसा संग्रह किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक गो आश्रय स्थल पर अस्थायी एवं स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जाएं तथा स्थानीय किसानों से समन्वय कर भूसे की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

सकल भूसा संग्रह में ललितपुर प्रदेश में शीर्ष पर है, जहां लक्ष्य के मुकाबले 102.9 प्रतिशत भूसा संग्रह किया गया है। इसके बाद देवरिया (100.7 प्रतिशत) और गोरखपुर (96.1 प्रतिशत) का स्थान है। मऊ, आगरा, महाराजगंज, सहारनपुर और हरदोई जैसे जनपदों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

वहीं, सबसे कम प्रगति वाले जिलों में लखनऊ, कानपुर नगर, संभल और इटावा शामिल हैं, जहां संग्रह प्रतिशत अभी अपेक्षाकृत कम है। शासन स्तर से इन जिलों में अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

दान आधारित भूसा संग्रह में अब तक 12.19 लाख क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष 2.65 लाख क्विंटल भूसा एकत्र किया गया है, जो 21.8 प्रतिशत प्रगति दर्शाता है। इस श्रेणी में महाराजगंज, जौनपुर, गाजियाबाद और रामपुर जैसे जिले अग्रणी बने हुए हैं। सरकार ने समाजसेवी संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, गोसेवकों और आम नागरिकों से भी इस अभियान में सहभागिता की अपील की है, ताकि गो आश्रय स्थलों में पशुओं के लिए चारे की कमी न हो।

सीएम योगी के निर्देश पर गो आश्रय स्थलों में केवल गुणवत्ता युक्त और संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि पशु आहार केवल एफ एस एस ए आई मानकों एवं बी आई एस प्रमाणित आई एस 2023 के अनुरूप ही खरीदा जाए। पीसीडीएफ द्वारा उत्पादित 'पराग' पशु आहार को प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा पैकिंग पर बैच नंबर, निर्माण एवं समाप्ति तिथि का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक गोवंश को प्रतिदिन न्यूनतम 500 ग्राम संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

प्रदेश में अब तक 1905 अस्थायी और 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही भूसा टेंडर प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई है। 14 जनपदों में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य जिलों में प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा साइलेज टेंडर प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक गो आश्रय स्थल में पर्याप्त मात्रा में भूसा और पशु आहार उपलब्ध रहे, ताकि गर्मी और सूखे की स्थिति में भी पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी गो आश्रय स्थलों पर स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त छाया, कूलर और पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्थानीय किसानों के साथ समन्वय कर हरे चारे की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है।

सरकार का मानना है कि गो संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, डेयरी विकास और कृषि आधारित जीवन प्रणाली का महत्वपूर्ण आधार है। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश सरकार भूसा संग्रह, पशु आहार और गो आश्रय प्रबंधन को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है।

--आईएएनएस

डीकेपी/

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