यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, मेडिकल डिवाइस पार्क से ताइवान सिटी तक कई परियोजनाओं को मिली मंजूरी
ग्रेटर नोएडा, 17 अगस्त (आईएएनएस)। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 92वीं बोर्ड बैठक में क्षेत्र के औद्योगिक, मेडिकल, फार्मा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सोमवार, 17 मार्च को हुई बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति, औद्योगिक निवेश, नई टाउनशिप, परिवहन सुविधाओं, सड़क-पुल निर्माण और किसानों से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे क्षेत्र में आने वाले वर्षों में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
बोर्ड बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति का ब्योरा भी प्रस्तुत किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 जुलाई 2025 तक यीडा की कुल प्राप्तियां करीब 974.37 करोड़ रुपए थीं। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई 2026 तक यह बढ़कर करीब 1853.74 करोड़ रुपए हो गईं। इस तरह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले प्राप्तियों में करीब 90.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में प्राधिकरण का कुल व्यय करीब 3690.64 करोड़ रुपए रहा। विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण के सापेक्ष करीब 1385 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया गया। भूमि अधिग्रहण, आधारभूत ढांचे और अन्य विकास कार्यों में लगातार निवेश किया जा रहा है।
यीडा क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। पार्क में चिकित्सा उपकरणों के निर्माण, अनुसंधान, परीक्षण और संबंधित उद्योगों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण यहां बनने वाला मेडिकल डिवाइस हब देश-विदेश के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-14 में करीब 480 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे उच्च शिक्षा, शोध, छात्र सुविधाओं और शिक्षा आधारित रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ भूमि पर मंडी विकसित करने का निर्णय लिया गया। मंडी बनने से कृषि उत्पादों की आपूर्ति और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। बोर्ड ने सेक्टर-23डी में करीब 50 एकड़ भूमि पर आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रहे आर्थिक क्षेत्र को देखते हुए इस औद्योगिक क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स, एविएशन से जुड़े कारोबार और निर्यात आधारित उद्योगों की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इसी सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा विकसित करने के लिए भूमि चिन्हित करने का भी फैसला लिया गया है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह बस अड्डा एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास के शहरी इलाकों के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत कर सकता है। यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-06 में ताइवान आधारित उद्योगों के लिए करीब 300 एकड़ भूमि आरक्षित करने का निर्णय लिया गया। यहां प्रस्तावित ताइवान सिटी में ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए औद्योगिक एवं कारोबारी इकोसिस्टम विकसित किया जा सकता है।
इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के साथ सहायक उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। यीडा क्षेत्र को फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। सेक्टर-06 में करीब 100 से 125 एकड़ भूमि पर फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। क्लस्टर में टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन, ओरल लिक्विड, टॉपिकल प्रिपरेशन और अन्य फिनिश्ड डोजेज फॉर्म के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। यहां गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस मानकों के अनुरूप उत्पादन सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे भारतीय दवा उद्योग को मजबूती मिलने और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल डिवाइस पार्क को केवल उत्पादन केंद्र के तौर पर विकसित नहीं किया जाएगा। यहां एफडीए एक्रेडिटेशन स्कीम फॉर कन्फॉर्मिटी असेसमेंट के अनुरूप मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग सुविधा स्थापित करने की योजना है। इसके लिए परियोजना की तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत संभावनाओं की जांच करने के लिए टेक्निकल एक्सपेट कमेटी के गठन को भी मंजूरी दी गई। प्रस्तावित परीक्षण सुविधाओं में इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कम्पैटिबिलिटी, मैकेनिकल परफॉर्मेंस, सॉफ्टवेयर वैलिडेशन, स्टेरिलाइजेशन और पैकेजिंग वैलिडेशन जैसी व्यवस्थाएं शामिल की जा सकती हैं। इससे मेडिकल डिवाइस निर्माताओं को उत्पादों की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण की सुविधा देश में ही मिल सकेगी।
बोर्ड बैठक में आगरा जनपद में यमुना एक्सप्रेसवे की चेनज 161.21 पर सर्विस रोड पर करवन नदी के ऊपर कल्वर्ट/माइनर ब्रिज बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। क्षेत्र में जलभराव के कारण बरसात के दौरान सर्विस रोड पर यातायात प्रभावित होता है। कल्वर्ट बनने से जल निकासी बेहतर होने और स्थानीय लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। किसानों से जुड़े मुद्दे पर भी बोर्ड ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। किसानों की सहमति के आधार पर भूमि खरीद की दरों के पुनर्निर्धारण का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के अधिसूचित क्षेत्रों में भूमि खरीद की प्रक्रिया संशोधित दरों के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। प्रस्ताव के तहत भूमि की वर्तमान दर 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 4558 रुपए प्रति वर्ग मीटर करने अथवा वैकल्पिक रूप से 4037 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा गया। आबादी भूखंड सहित अन्य संबंधित प्रावधानों को भी इसमें शामिल किया गया है। यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे नए आर्थिक क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है।
मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, ताइवान सिटी, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, औद्योगिक क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे जैसी परियोजनाएं एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा करते हुए क्षेत्र के विकास को गति दे सकती हैं। इन परियोजनाओं से औद्योगिक निवेश, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, मेडिकल उपकरण निर्माण, फार्मास्यूटिकल उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
--आईएएनएस
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