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ये कैसी लोकतंत्र की दुहाई, पश्चिम बंगाल में जिस बात से थी परेशानी केरलम में कांग्रेस ने खुद वही दोहराई

नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। केरलम में पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव बनाया गया है, जिसको लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस भाजपा शासित राज्यों में तो ऐसी नियुक्तियों का विरोध करती है, जबकि केरलम में खुद ऐसा ही कर रही है।
ये कैसी लोकतंत्र की दुहाई, पश्चिम बंगाल में जिस बात से थी परेशानी केरलम में कांग्रेस ने खुद वही दोहराई

नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। केरलम में पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव बनाया गया है, जिसको लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस भाजपा शासित राज्यों में तो ऐसी नियुक्तियों का विरोध करती है, जबकि केरलम में खुद ऐसा ही कर रही है।

दरअसल, पिछले दिनों ने जब कर्नाटक की भाजपा सरकार ने पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाया था, तो लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा था।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत है। उन्होंने यह भी कहा था कि जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम। अब जब कांग्रेस नीत केरलम सरकार ने खुद राज्य के पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किया है तो भाजपा मुखर हो उठी है। भाजपा ने इसको लेकर केरलम सरकार के साथ ही राहुल गांधी को भी घेरा है।

दरअसल, रतन यू. केलकर 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने केरलम विधानसभा चुनावों के दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी के रूप में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी की थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता के. सुरेंद्रन ने सोशल मीडिया पर इसको कांग्रेस का दोहरा मापदंड बताया है। सुरेंद्रन ने राहुल गांधी और उनकी टीम को पाखंडी बताया है।

वहीं, भाजपा आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब इसकी तुलना कांग्रेस शासित केरलम से करें।

उन्होंने कहा कि रतन यू. केलकर केरलम कैडर के 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और राज्य में सबसे वरिष्ठ अधिकारी भी नहीं हैं, उन्हें मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किया जा रहा है, जबकि वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद पर भी बने रहेंगे। एक ऐसा पद जिसके लिए संस्थागत निष्पक्षता और स्वतंत्रता आवश्यक है तो अब राहुल गांधी का संस्थागत मर्यादा का उपदेश कहां है? या उनका आक्रोश पूरी तरह से सत्ता में मौजूद पार्टी पर निर्भर करता है?

वहीं, भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पश्चिम बंगाल में पूर्व चुनाव अधिकारी को मुख्य सचिव बनाया जाता है, तो राहुल गांधी इसको चोरी का इनाम बताते हैं, लेकिन 10 दिन बाद ही ऐसी ही घटना केरलम में दोहराई जाती है तो कांग्रेस और राहुल गांधी दोनों इस पर मौन हैं तो क्या इसे लोकतंत्र की खूबसूरती कहा जाएगा?

हालांकि केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला इस नियुक्ति के बचाव में उतरे। उन्होंने मीडिया से कहा कि सरकार के पास सक्षम अधिकारियों को महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नियुक्त करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री का सचिव बनाना सरकार का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि केलकर एक योग्य अधिकारी हैं और इस नियुक्ति में कुछ भी असामान्य नहीं है।

--आईएएनएस

एमएस/वीसी

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