Samachar Nama
×

'यह नया महीना है, तुम अच्छा खेलोगे', चैंपियन बनने के बाद प्रग्गनानंदा ने बताया सच हुई मां की भविष्यवाणी

स्टावेंजर (नॉर्वे), 6 जून (आईएएनएस)। नॉर्वे चेस चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय बनने के बाद आर. प्रग्गनानंदा ने खुलासा किया कि टूर्नामेंट के दूसरे चरण से ठीक पहले उनकी मां द्वारा की गई भविष्यवाणी सच साबित हुई। प्रग्गनानंदा ने क्लासिकल शतरंज प्रतियोगिता के 10वें और अंतिम राउंड में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर खिताब अपने नाम किया।
'यह नया महीना है, तुम अच्छा खेलोगे', चैंपियन बनने के बाद प्रग्गनानंदा ने बताया सच हुई मां की भविष्यवाणी

स्टावेंजर (नॉर्वे), 6 जून (आईएएनएस)। नॉर्वे चेस चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय बनने के बाद आर. प्रग्गनानंदा ने खुलासा किया कि टूर्नामेंट के दूसरे चरण से ठीक पहले उनकी मां द्वारा की गई भविष्यवाणी सच साबित हुई। प्रग्गनानंदा ने क्लासिकल शतरंज प्रतियोगिता के 10वें और अंतिम राउंड में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर खिताब अपने नाम किया।

शुक्रवार को खिताब जीतने के बाद प्रग्गनानंदा ने कहा, "उन्होंने कहा था, 'यह नया महीना है, तुम अच्छा खेलोगे।' मैंने जवाब दिया, 'ठीक है, यह उन बातों में से एक है जो मां अक्सर कहती हैं।' इसके बाद मैंने लगातार चार गेम जीत लिए। मुझे लगता है कि मां को कुछ पता था।"

कुछ दिन पहले तक यह कल्पना करना भी मुश्किल था कि प्रग्गनानंदा इस टूर्नामेंट के विजेता बनेंगे। छह खिलाड़ियों के इस टूर्नामेंट के पहले चरण में उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी दिखाई दी थी। हालांकि उन्होंने तीसरे राउंड में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराया था, लेकिन छह राउंड के बाद उनके केवल छह अंक थे और वे अंक तालिका में सबसे नीचे थे।

हालांकि, सातवें राउंड में अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ मुकाबले से पहले उनकी मां नागलक्ष्मी के एक फोन कॉल ने मानो सब कुछ बदल दिया। इसके बाद प्रग्गनानंदा ने लगातार चार क्लासिकल मुकाबले जीते, जिनमें कार्लसन पर दूसरी जीत भी शामिल रही। अंततः उन्होंने कीमर को हराकर खिताब भी अपने नाम कर लिया।

शानदार वापसी की वजह पूछे जाने पर प्रग्गनानंदा ने कहा, "सब कुछ मेरे पक्ष में गया। मुझे यह भी लगता है कि मैं खेल के दौरान ज्यादा नियंत्रण में था, जो हमेशा अच्छा होता है। मैंने तय किया कि मैं पहले से थोड़ा तेज खेलूंगा। हर गेम में मेरे पास टाइम का फायदा था और मैं अच्छे क्वालिटी के मूव्स कर पाया।"

उन्होंने स्वीकार किया कि कीमर के खिलाफ मुकाबले के अंतिम चरण में वह अपनी लय से थोड़ा भटक गए थे। उन्होंने कहा, "अंतिम कुछ चालों से पहले ही मुझे पता था कि मैं जीतने वाला हूं। हालांकि, मैं यह सुनिश्चित करना चाहता था कि नाइट ई6 खेलने के बाद मैं ज्यादा कुछ न सोचूं। मैं बस अपने हाथ से चालें चला रहा था, क्योंकि जब आप जीत की स्थिति में होते हैं तो गलती करना लगभग नामुमकिन होता है। फिर भी मैं काफी परेशान था। उनके जाने के बाद ही मैंने राहत महसूस की।"

यह जीत चेन्नई के ग्रैंडमास्टर के लिए एक शानदार वापसी भी है। उन्होंने नॉर्वे में निराशा के कगार से लौटते हुए खिताब अपने नाम किया। प्रग्गनानंदा ने कहा, "जब भी आप कोई टूर्नामेंट जीतते हैं तो खुशी होती है। और जब मैग्नस खेल रहे हों तो यह टूर्नामेंट जीतना वाकई खास बन जाता है। फिर जिस तरह से यह जीत मिली, वह इसे और भी विशेष बना देती है। मैं बेहद खुश हूं।"

--आईएएनएस

एसएम/एएस

Share this story

Tags