यासीन मलिक समेत 7 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय, वीडियो में जाने 9 करोड़ की रकम का मामला
नई दिल्ली की स्पेशल NIA कोर्ट ने यासीन मलिक समेत सात आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि मामले में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सामग्री मौजूद है, जिससे उनके खिलाफ मजबूत संदेह बनता है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने पाकिस्तान और अन्य आतंकी संगठनों से अलग-अलग माध्यमों के जरिए रकम हासिल की और उसे आगे पहुंचाया। मामला करीब 9 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित रकम जुटाने और आरोपियों तक पहुंचाने से जुड़ा है। अदालत के आदेश के बाद अब इस मामले में आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, आरोप तय होना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। मामले में आगे न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपों और उपलब्ध सबूतों पर सुनवाई होगी।
सात आरोपी कौन-कौन हैं?
मामले में यासीन मलिक के अलावा जहूर अहमद शाह वटाली, अब्दुल राशिद शेख, शबीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, ट्रिसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और मसरत आलम भट को आरोपी बनाया गया है।ED की जांच के मुताबिक, आरोपियों पर कथित तौर पर विदेश से आने वाली रकम को अलग-अलग माध्यमों से हासिल करने और उसे आगे पहुंचाने का आरोप है। जांच एजेंसी ने इस रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच की है।
2017 में दर्ज हुई थी शिकायत
प्रवर्तन निदेशालय ने अपराध से अर्जित रकम की जांच के लिए 14 जून 2017 को शिकायत दर्ज की थी। इसके बाद जांच के दौरान कई दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन सामने आए। जांच एजेंसी की नजर विशेष रूप से जहूर अहमद शाह वटाली से जुड़े दस्तावेजों पर गई।ED के अनुसार, वटाली के ठिकाने से जब्त किए गए दस्तावेजों में विदेशी फंडिंग से जुड़ी जानकारी मिली थी। इन दस्तावेजों और जांच के आधार पर एजेंसी ने वित्त वर्ष 2015-16 में विदेशी रकम के लेनदेन का पता लगाने का दावा किया।
यासीन मलिक समेत अन्य तक पहुंची रकम
जांच एजेंसी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान जहूर अहमद शाह वटाली के जरिए यासीन मलिक, शबीर अहमद शाह और मसरत आलम भट तक विदेशी रकम पहुंची थी। ED ने इस फंडिंग के स्रोत और इसे आरोपियों तक पहुंचाने के तरीके को अपनी जांच का अहम हिस्सा बनाया है।एजेंसी का आरोप है कि पाकिस्तान और अन्य आतंकी संगठनों से अलग-अलग माध्यमों के जरिए पैसा हासिल किया गया। इसके बाद कथित तौर पर इस रकम को विभिन्न माध्यमों से आगे पहुंचाया गया। मामले में करीब 9 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित रकम की जांच की जा रही है।
कोर्ट के आदेश के बाद आगे बढ़ेगी कार्रवाई
स्पेशल NIA कोर्ट के आदेश के बाद अब सातों आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अदालत ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर मजबूत संदेह की बात कही है। अब आगे की सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपों और सबूतों को पेश किया जाएगा।मामला जम्मू-कश्मीर से जुड़े कथित फंडिंग नेटवर्क और धन के लेनदेन की जांच से संबंधित है। ED की जांच में सामने आए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर अदालत ने आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश दिया है। आने वाली सुनवाई में मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपों पर भी चर्चा होगी।

