यशपाल शर्मा: वनडे में कभी नहीं हुए जीरो पर आउट, भारत को पहला विश्व कप जिताने में निभाई अहम भूमिका
नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिनकी सफलता का बहुत ज्यादा बखान नहीं किया जाता है, पर उनका योगदान बहुत बड़ा होता है। कुछ ऐसा ही करियर भारत के पूर्व बल्लेबाज यशपाल शर्मा का रहा। 1983 विश्व कप में भारत ने जब वेस्टइंडीज को पहली बार शिकस्त दी, तो यशपाल उस जीत के नायक रहे थे।
पंजाब के लुधियाना में जन्मे यशपाल का शुरुआत से ही क्रिकेट से खास लगाव था। जल्द ही उन्होंने इस खेल में अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया। हालांकि, उस दौर में भारतीय क्रिकेट विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने में जुटा हुआ था। घरेलू क्रिकेट में यशपाल ने लगातार अपने दमदार खेल से हर किसी को खासा प्रभावित किया। हालांकि, यशपाल को इंटरनेशनल क्रिकेट तक पहुंचाने में मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार का बड़ा रोल रहा। दिलीप ने घरेलू क्रिकेट में यशपाल की बल्लेबाजी से प्रभावित होकर उनकी सिफारिश भारतीय टीम के लिए की थी।
1983 में हुए विश्व कप में यशपाल का बेहतरीन प्रदर्शन निखरकर आया। टूर्नामेंट के पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम का सामना वेस्टइंडीज से हुआ। इस मुकाबले में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए संघर्ष कर रही थी, लेकिन यशपाल मैदान पर उतरे और उन्होंने 120 गेंदों का सामना करते हुए 89 रनों की दमदार पारी खेली।
यशपाल की शानदार पारी के बूते भारतीय टीम इस मैच में वेस्टइंडीज को हराने में सफल रही। इसके बाद सेमीफाइनल मुकाबले में यशपाल का एक और बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। उन्होंने नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए 115 गेंदों में 3 चौके और 2 छक्कों की मदद से महत्वपूर्ण 61 रन बनाए, जिसके दम पर भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई। यशपाल अपने वनडे करियर में कभी भी जीरो पर आउट नहीं हुए।
यशपाल ने भारत के लिए 37 टेस्ट मैचों में 33 की औसत से खेलते हुए 1606 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 9 फिफ्टी शामिल रही। वहीं, वनडे फॉर्मेट में उन्होंने 42 मुकाबलों में 4 अर्धशतक की मदद से 883 रन बनाए। इंटरनेशनल करियर को अलविदा कहने के बाद यशपाल दो बार भारतीय मुख्य सिलेक्टर भी रहे। उनकी देखरेख में ही भारतीय टीम ने साल 2011 में वनडे विश्व कप का खिताब जीता। यशपाल शर्मा का 13 जुलाई, 2021 को दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ।
--आईएएनएस
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