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यशोत्सव 2026: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने मेधावी छात्रों और खिलाड़ियों को किया सम्मानित

नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को द्वारका स्थित यशोभूमि में ‘यशोत्सव 2026’ के समापन समारोह और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में शिरकत की। यहां उन्होंने मेधावी छात्रों और खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस पहल के तहत दिल्ली सरकार की ओर से 1,200 शीर्ष रैंक हासिल करने वाले छात्रों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए लैपटॉप प्रदान किए गए।
यशोत्सव 2026: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने मेधावी छात्रों और खिलाड़ियों को किया सम्मानित

नई दिल्‍ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को द्वारका स्थित यशोभूमि में ‘यशोत्सव 2026’ के समापन समारोह और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में शिरकत की। यहां उन्होंने मेधावी छात्रों और खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस पहल के तहत दिल्ली सरकार की ओर से 1,200 शीर्ष रैंक हासिल करने वाले छात्रों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए लैपटॉप प्रदान किए गए।

‘दिल्ली खेल महाकुंभ 2025-26’ के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों युवा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, कक्षा 10 और 12 के 222 उच्च उपलब्धि हासिल करने वाले छात्रों के साथ-साथ 34 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को भी सम्मानित किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उपलब्धियां न केवल छात्रों की कड़ी मेहनत को दर्शाती हैं, बल्कि इनमें शिक्षकों और अभिभावकों के मार्गदर्शन और सहयोग की भी झलक मिलती है। उन्होंने कहा, “यह केवल एक पुरस्कार वितरण समारोह नहीं है, बल्कि हमारे युवाओं के समर्पण, अनुशासन और सफलता का उत्सव है।”

रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार शिक्षा और खेल, दोनों ही क्षेत्रों में समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि युवा अपनी आकांक्षाओं को पूरा कर सकें।

सीएम रेखा गुप्‍ता ने बताया कि वर्ष 2025-26 में लगभग 9,000 क्लासरूम को स्मार्ट बोर्ड से सुसज्जित किया गया है। साथ ही, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा तक पहुंच को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 275 स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं और 100 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू की गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर स्कूल को स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर और भाषा लैब तथा आधुनिक पुस्तकालय जैसी सुविधाओं से युक्त करके पूरी तरह से डिजिटल बनाना है, ताकि छात्र भारत और विदेशों के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि इसने शिक्षा व्यवस्था को ज्‍यादा समग्र, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार बनाया है।

उन्होंने कहा, “हमारा ध्यान सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर एक आधुनिक, डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम बनाने पर है। लैपटॉप बांटने जैसी पहल से छात्रों को नई टेक्नोलॉजी से जुड़ने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।”

मुख्यमंत्री ने दिल्ली खेल महाकुंभ के सफल आयोजन की भी तारीफ की और कहा कि इसने 25,000 से ज्‍यादा खिलाड़ियों को एक मंच दिया और राजधानी में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद की।

उन्होंने खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, संसाधन और प्रोत्साहन देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना’ के तहत खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और संसाधन देने के लिए कुल 50 करोड़ रुपए,पहले 35 करोड़ रुपए और हाल ही में 15 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

सीएम ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि दिल्ली के हर युवा चाहे वह शिक्षा के क्षेत्र में हो या खेल के क्षेत्र में, आगे बढ़ने के लिए सही अवसर, पहचान और सहयोग मिले।

इस मौके पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पेश किया गया 1.03 लाख करोड़ रुपए का बजट ऐतिहासिक है। इसमें शिक्षा के लिए लगभग 19,000 करोड़ रुपए रखे गए हैं। यह छात्रों के समग्र विकास और सरकारी स्कूलों के बारे में लोगों की सोच बदलने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

उन्होंने इस सोच को हकीकत में बदलने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों के प्रयासों की सराहना की। यशोभूमि को युवाओं की उपलब्धियों का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की असली शान उसके छात्रों में है चाहे वे 222 सीबीएसई टॉपर हों, 79 दिव्यांग होनहार हों या खेल महाकुंभ में हिस्सा लेने वाले 25,000 खिलाड़ी हों।

सूद ने कहा कि खेल महाकुंभ में इतने बड़े पैमाने पर लोगों का हिस्सा लेना इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि खिलाड़ियों के लिए 16 मैदान और स्टेडियम खोले गए, जिससे खेल सीमित बुनियादी ढांचे से बाहर निकलकर आगे बढ़ सका।

शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि ओलंपिक में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालों के लिए क्रमशः 7 करोड़ रुपए, 5 करोड़ रुपए और 3 करोड़ रुपए तक का प्रोत्साहन तय किया गया है। शिक्षा और खेल राजनीति के हथियार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव हैं।”

उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं में जीतने वाली सोच विकसित करने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में कई पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें कला उत्सव, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम, सरदार पटेल चित्रकला प्रतियोगिताएं, 280 बाल वाटिकाएं, दिव्यांग छात्रों के लिए सहायक सहायता, स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को मुख्यधारा में लाने के प्रयास और 100 से अधिक ड्रोन क्लबों की स्थापना शामिल है।

सूद ने कहा कि यह तो अभी बस शुरुआत है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय, दोनों ही स्तरों पर शिक्षा और खेल के क्षेत्र में एक अग्रणी स्थान पर स्थापित करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, दिल्ली देश की ‘स्पोर्टिंग कैपिटल’ (खेल राजधानी) के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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