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यमुनोत्री धाम यात्रा से पहले तैयारियों की समीक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश

यमुनोत्री/उत्तरकाशी, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। नोडल अधिकारी एवं पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण ने यमुनोत्री धाम यात्रा का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यात्रा एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
यमुनोत्री धाम यात्रा से पहले तैयारियों की समीक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश

यमुनोत्री/उत्तरकाशी, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। नोडल अधिकारी एवं पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण ने यमुनोत्री धाम यात्रा का व्‍यापक स्‍थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यात्रा एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस निरीक्षण का मकसद यमुनोत्री धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित करना है।

निरीक्षण के क्रम में नोडल अधिकारी एवं पुलिस महानिरीक्षक अनन्त शंकर ताकवाले ने डामटा, बड़कोट, पालीगाड़, डाबरकोट से होते हुए जानकीचट्टी तथा यमुनोत्री धाम तक संपूर्ण यात्रा मार्ग का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से भू-स्खलन एवं लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए वहां किए गए सुरक्षात्मक उपायों की समीक्षा की और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

उन्होंने यात्रा मार्ग एवं धाम क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रमुख घाटों पर फायर सर्विस, एसडीआरएफ तथा क्यूआरटी टीमों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में दोनों ओर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

यात्रा के दौरान संभावित आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए धाम, प्रमुख पड़ावों एवं पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी रखने तथा बाहरी व्यक्तियों एवं संदिग्धों का शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही बाहर से आने वाले प्रत्येक वाहन चालक का पूरा विवरण सुरक्षित रखने पर भी बल दिया गया।

जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक लगभग 5 से 6 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी संचालन में रोटेशन प्रणाली लागू करने, भीड़ प्रबंधन को सुदृढ़ करने तथा यात्रियों की संख्या बढ़ने की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और घोड़ा-खच्चर एवं डंडी-कंडी संचालकों के अनिवार्य पंजीकरण की प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

पैदल मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से संचालित घोड़ा-खच्चरों के मल-निस्तारण के लिए 'हॉर्स पॉप' योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त यात्रा मार्ग पर कूड़ा-निस्तारण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। ढलानदार एवं फिसलन वाले स्थानों पर नियमित सफाई को अत्यंत आवश्यक बताते हुए इस दिशा में विशेष ध्यान देने को कहा गया।

निरीक्षण के दौरान विभिन्न पर्यटन पुलिस चौकियों, बैरियरों एवं पंजीकरण केंद्रों पर तैनात पुलिस बल के लिए खाद्यान्न, अलाव एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई, ताकि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति में जानकीचट्टी से पहले फूलचट्टी एवं राणाचट्टी जैसे चिन्हित होल्डिंग क्षेत्रों में वाहनों को अस्थायी रूप से रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने के निर्देश देते हुए सुरक्षा की दृष्टि से यह भी स्पष्ट किया गया कि सायंकाल निर्धारित समय के पश्चात जानकीचट्टी से पैदल मार्ग पर किसी भी यात्री को यमुनोत्री मंदिर की ओर न भेजा जाए।

निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा, प्रभारी निरीक्षक बड़कोट सुभाष चंद्र, उप निरीक्षक यातायात बड़कोट विरेन्द्र पंवार सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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