यमुना जल समझौते से राजस्थान की प्यासी धरती को मिलेगा पानी : भजनलाल शर्मा
जयपुर, 30 जून (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हरियाणा के साथ हुए ऐतिहासिक यमुना जल समझौते पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस समझौते से राजस्थान के विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र सहित कई जल संकटग्रस्त इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए एक “ऐतिहासिक कदम” बताया और इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कई वर्षों तक राजस्थान के जल संकट को गंभीरता से नहीं लिया गया, जबकि विभिन्न राज्यों और केंद्र में एक ही राजनीतिक दल की सरकारें रहने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं निकल सका। अब वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और लंबित परियोजनाओं को गति दी जा रही है।
उन्होंने विशेष रूप से पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना लंबे समय से अटकी हुई थी, लेकिन अब इस पर प्रगति हो रही है। इसके अलावा 24,000 करोड़ रुपए की लागत वाली जल परियोजनाओं पर कार्य शुरू होने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए एक “ऐतिहासिक कदम” बताया और इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 फरवरी 2024 को हरियाणा सरकार के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसका उद्देश्य राजस्थान को उसके हिस्से का जल सुनिश्चित करना था। इसके बाद 29 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसमें केंद्र और संबंधित राज्यों के बीच समन्वय से जल वितरण को लेकर बड़ा समाधान निकाला गया। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने राजस्थान के लंबे समय से चले आ रहे जल संकट को गंभीरता से समझा और उसके समाधान के लिए निर्णायक भूमिका निभाई। इससे पहले की कांग्रेस सरकार ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया था, जिसकी वजह से राजस्थान की जनता परेशान थी।
उन्होंने दावा है कि इन समझौतों और परियोजनाओं के लागू होने से आने वाले वर्षों में राजस्थान के कई क्षेत्रों में जल उपलब्धता में सुधार होगा और कृषि व ग्रामीण जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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