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डब्ल्यूटीआईएसडी 2026: मजबूत डिजिटल नेटवर्क बनाने पर दुनिया का फोकस

नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। पूरी दुनिया दिन-प्रतिदिन डिजिटल तकनीक पर निर्भर होती जा रही है। इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क, सैटेलाइट सिस्टम और डेटा नेटवर्क अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। चाहे बैंकिंग हो, पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाएं, ऑनलाइन कामकाज या आपातकालीन सेवाएं, हर क्षेत्र में मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर साल 17 मई को विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस (डब्ल्यूटीआईएसडी)' मनाया जाता है।
डब्ल्यूटीआईएसडी 2026: मजबूत डिजिटल नेटवर्क बनाने पर दुनिया का फोकस

नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। पूरी दुनिया दिन-प्रतिदिन डिजिटल तकनीक पर निर्भर होती जा रही है। इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क, सैटेलाइट सिस्टम और डेटा नेटवर्क अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। चाहे बैंकिंग हो, पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाएं, ऑनलाइन कामकाज या आपातकालीन सेवाएं, हर क्षेत्र में मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर साल 17 मई को विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस (डब्ल्यूटीआईएसडी)' मनाया जाता है।

साल 2026 का थीम एक मजबूत और जुड़ी हुई दुनिया के लिए डिजिटल लाइफलाइन को मजबूत बनाने पर फोकस करता है। इसका मकसद दुनिया को यह समझाना है कि डिजिटल नेटवर्क सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि आज की जरूरत बन चुके हैं। अगर किसी प्राकृतिक आपदा, युद्ध, तकनीकी खराबी या साइबर हमले के दौरान इंटरनेट और संचार व्यवस्था ठप हो जाए, तो लोगों की जिंदगी और अर्थव्यवस्था दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसलिए ऐसे मजबूत सिस्टम तैयार करने की जरूरत है जो किसी भी संकट में काम करते रहें और जल्दी दोबारा शुरू हो सकें।

इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को इंटरनेट और सूचना तकनीक के फायदों के बारे में जागरूक करना भी है। साथ ही यह भी समझाना है कि दुनिया में अब भी कई ऐसे इलाके हैं जहां डिजिटल सुविधाएं पूरी तरह नहीं पहुंच पाई हैं। इसे डिजिटल डिवाइड कहा जाता है। डब्ल्यूटीआईएसडी का मकसद इस दूरी को कम करना और हर व्यक्ति तक डिजिटल सुविधाएं पहुंचाना है।

17 मई का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दिन 1865 में पहला इंटरनेशनल टेलीग्राफ कन्वेंशन साइन किया गया था और इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) की स्थापना हुई थी। आईटीयू संयुक्त राष्ट्र की वह एजेंसी है जो दुनियाभर में डिजिटल तकनीक और संचार व्यवस्था से जुड़े मामलों पर काम करती है।

वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन डे पहली बार 1969 में मनाया गया था। बाद में 2005 में संयुक्त राष्ट्र ने 'वर्ल्ड इंफॉर्मेशन सोसाइटी डे' मनाने की घोषणा की, ताकि सूचना तकनीक के महत्व और उससे जुड़े मुद्दों पर वैश्विक स्तर पर चर्चा हो सके। फिर 2006 में तुर्की के अंताल्या में आईटीयू की बैठक में फैसला लिया गया कि दोनों आयोजनों को मिलाकर हर साल 17 मई को 'वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन सोसाइटी डे' के रूप में मनाया जाएगा।

इस मौके पर दुनियाभर में सरकारें, तकनीकी कंपनियां और सामाजिक संगठन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इनमें डिजिटल सुरक्षा, इंटरनेट पहुंच, नई तकनीक, साइबर सुरक्षा और डिजिटल शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति डिजिटल दुनिया से कटे नहीं और हर किसी को सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्टिविटी मिल सके।

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

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