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वो मेरी बातों की वजह से डर गए, लोकसभा में तो उन्हें आना चाहिए : राहुल गांधी

नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला द्वारा पीएम मोदी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि किसी सदस्य की वजह से नहीं, बल्कि मेरी बातों के डर से पीएम मोदी लोकसभा में नहीं आए।
वो मेरी बातों की वजह से डर गए, लोकसभा में तो उन्हें आना चाहिए : राहुल गांधी

नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला द्वारा पीएम मोदी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि किसी सदस्य की वजह से नहीं, बल्कि मेरी बातों के डर से पीएम मोदी लोकसभा में नहीं आए।

नई दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह जो फैलाया गया है कि विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री मोदी को धमकी देने वाले थे, इसका कोई सवाल ही नहीं है। सच्चाई बहुत साफ है। प्रधानमंत्री सदन में आने से डर रहे थे, सदस्यों की वजह से नहीं, बल्कि मेरी बातों की वजह से। वह अभी भी डरे हुए हैं, क्योंकि वह सच्चाई का सामना नहीं कर सकते। हमारे सदस्यों द्वारा प्रधानमंत्री पर हमला करने का कोई सवाल ही नहीं है। उनमें आने की हिम्मत होनी चाहिए। मैंने यह भी कहा कि अगर किसी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री पर हमला करने वाला है, तो कृपया तुरंत एफआईआर करें। उस व्यक्ति को गिरफ्तार करें। आप ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं?

राहुल गांधी ने कहा कि कहानी कुछ दिन पहले शुरू हुई जब मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का मामला आया, और सरकार नहीं चाहती थी कि मैं उस पर बिल्कुल भी बात करूं, इसलिए उन्होंने सदन को रोक दिया। उन्होंने मुझे बोलने नहीं दिया। ऐसा तीन-चार बार हुआ। पहले, उन्होंने कहा कि मैं किसी किताब का हवाला नहीं दे सकता। फिर मैंने कहा कि मैं किसी किताब का हवाला नहीं दे रहा हूं, मैं एक मैगजीन का हवाला दे रहा हूं। फिर उन्होंने कहा कि आप किसी मैगजीन का हवाला नहीं दे सकते। फिर मैंने कहा कि मैं इस बारे में बात करूंगा। फिर वे नहीं चाहते थे कि मैं इस बारे में बात करूं। रक्षा मंत्री ने झूठ कहा कि किताब पब्लिश नहीं हुई है। असल में, किताब पब्लिश हो चुकी है और हमारे पास उसकी एक कॉपी भी है।

राहुल गांधी ने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है, जब विपक्ष के नेता और पूरे विपक्ष को राष्ट्रपति के भाषण में बोलने की इजाजत नहीं दी जाती। दूसरा मुद्दा यह है कि भाजपा के एक सांसद ने किताबें, कई किताबें कोट करते हुए बात की, बहुत घटिया बातें कहीं, और उसे कुछ नहीं कहा गया। हमें यह बात पसंद नहीं है कि वे जब चाहें, जो चाहें कह सकते हैं, और विपक्ष नहीं कह सकता। तीसरा मुद्दा हमारे सदस्यों का सस्पेंशन है।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि स्पीकर पर इतना प्रेशर है कि उन्हें खुद बयान देना पड़ रहा है, जो सही नहीं है। सदन में कांग्रेस की 11 महिला सांसद हैं, जिनमें से मैं भी एक हूं। सभी महिला सांसद सीरियस पॉलिटिशियंस हैं। स्पीकर ने उनका अपमान किया है। सरकार ने स्पीकर पर ऐसा कहने का प्रेशर डाला है। पीएम खुद सदन में आए नहीं, इसीलिए स्पीकर से सफाई दिलवा रहे हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी

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