दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे प्रदर्शन? केंद्र सरकार ने बदले नियम, इन 3 जगहों पर मिलेगी अनुमति!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने वालों के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। करीब 33 साल पहले जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए प्रमुख जगह के रूप में तय किया गया था। अब गृह मंत्रालय की कमेटी की सिफारिशों के बाद दिल्ली में प्रदर्शन के लिए तीन वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए गए हैं।इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड शामिल हैं। हालांकि, इन स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और नियमों को लेकर संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जानी है।
CJP को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर सोमवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी मंजूरी देने से इनकार कर दिया।
इससे पहले CJP ने 20 जून से 25 जुलाई तक NEET पेपर लीक मामले को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन किया था। खबर के मुताबिक, यह आंदोलन 36 दिनों तक चला और इस दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। 25 जुलाई को प्रदर्शन समाप्त हो गया था।
गृह मंत्रालय की कमेटी ने सुझाए तीन वैकल्पिक स्थान
धरना-प्रदर्शन के लिए दूसरी जगहों की पहचान करने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय ने एक कमेटी बनाई थी। कमेटी की सिफारिशों के बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों के रूप में चुना गया है।
इन स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति कैसे मिलेगी, कितने लोगों को जुटने की मंजूरी होगी और आयोजन के लिए क्या शर्तें लागू होंगी, इन बातों का विस्तृत विवरण संशोधित SOP में सामने आने की उम्मीद है।
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से क्यों हटाया गया?
जंतर-मंतर संसद के बेहद करीब स्थित है। रिपोर्ट के अनुसार, संसद से इसकी दूरी करीब 1.5 किलोमीटर है। हाल के प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के संसद के नजदीक पहुंचने की घटनाओं के बाद सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि, जंतर-मंतर को सूची से हटाने की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं बताई गई है।
रामलीला मैदान भी संसद से कुछ किलोमीटर की दूरी पर है, जबकि बुराड़ी और CBD ग्राउंड दिल्ली के दूसरे हिस्सों में स्थित हैं। इन स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने से सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन को अलग व्यवस्था बनाने का अवसर मिल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी बड़े प्रदर्शन स्थल की जरूरत बताई थी
रिपोर्ट के मुताबिक, 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर के विकल्प के तौर पर ऐसी बड़ी जगह तलाशने की बात कही थी, जहां प्रदर्शनकारियों के लिए पानी, शौचालय और चिकित्सा जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों।
क्या विपक्ष भी अब दूसरे स्थान पर करेगा प्रदर्शन?
CJP के अलावा विपक्षी दलों की ओर से भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी की चर्चा है। ऐसे में नए नियमों और प्रदर्शन स्थलों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं। CJP ने दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति देने की मांग की है और अनुमति नहीं मिलने पर आंदोलन जारी रखने की बात कही है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पूरी तरह बंद हो जाएंगे, या नए नियमों के तहत किसी विशेष परिस्थिति में अनुमति दी जा सकेगी? इसका स्पष्ट जवाब आधिकारिक आदेश और संशोधित SOP की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।

