इमरान खान भी नवाज शरीफ की राह चलेंगे? जेल से बाहर आने के लिए देश छोड़ने की चर्चा, पाकिस्तान की राजनीति में हलचल!
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। जेल में बंद इमरान खान के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या इमरान खान भी पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की तरह जेल से राहत मिलने के बाद पाकिस्तान छोड़कर विदेश जा सकते हैं?इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ कई मामले चल चुके हैं और उन्हें विभिन्न मामलों में सजा भी सुनाई गई है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रही है। पार्टी का कहना है कि इमरान खान के खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है, जबकि सरकार इस आरोप से इनकार करती रही है।
नवाज शरीफ की तरह विदेश जाने की चर्चा क्यों?
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को 2019 में स्वास्थ्य कारणों के आधार पर जेल से जमानत मिली थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए लंदन जाने की अनुमति दी गई थी। वह कई वर्षों तक विदेश में रहे और 2023 में पाकिस्तान लौटे।इसी घटनाक्रम का हवाला देकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या इमरान खान के मामले में भी ऐसा कोई रास्ता निकल सकता है। हालांकि, दोनों नेताओं के मामले अलग-अलग कानूनी परिस्थितियों में हैं और इमरान खान के देश छोड़ने की किसी पक्की योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इमरान खान की सेहत और रिहाई पर क्या अपडेट है?
अगस्त 2026 में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को इलाज और चिकित्सकीय जांच के लिए जेल से इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। यह आदेश उनकी सेहत को लेकर उठी चिंताओं के बीच आया था। हालांकि, अस्पताल में इलाज के आदेश का मतलब उनकी रिहाई या दोषसिद्धियों पर रोक लगना नहीं था।इमरान खान की पार्टी और परिवार उनकी सेहत, जेल में सुविधाओं और उनसे मुलाकात की अनुमति को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उनकी रिहाई का फैसला अदालतों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए।
क्या जेल से बाहर आने के लिए पाकिस्तान छोड़ना होगा?
फिलहाल ऐसी किसी आधिकारिक शर्त की पुष्टि नहीं हुई है कि इमरान खान को जेल से बाहर आने के लिए पाकिस्तान छोड़ना पड़ेगा। उनकी रिहाई, जमानत या विदेश जाने की अनुमति से जुड़ा कोई भी फैसला कानूनी प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की मंजूरी पर निर्भर करेगा।पाकिस्तान में इमरान खान की राजनीतिक लोकप्रियता और उनकी पार्टी के साथ सरकार का टकराव इस मामले को और महत्वपूर्ण बनाता है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालतों के फैसले और सरकार-PTI के बीच बातचीत की दिशा पर सभी की नजर रहेगी।

