बीवी ने इंस्टाग्राम पर ढूंढी पति के लिए गर्लफ्रेंड, शादी भी हुई फिर किया ऐसा हश्र, क्रिमिनल कपल का मकसद जान पुलिस भी रह गई दंग
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया के जरिए एक तलाकशुदा महिला को प्रेमजाल में फंसाकर फर्जी शादी और ठगी का शिकार बनाया गया। आरोपी युवक ने पहले खुद को सीबीआई अफसर बताकर महिला से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दोस्ती की, फिर शादी कर ली। शादी के बाद महिला को पता चला कि युवक पहले से शादीशुदा है और उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर महिला से नगदी और गहने हड़प लिए। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सोशल मीडिया बना ठगी का ज़रिया
मामला गाजीपुर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां एक सरकारी विभाग में कार्यरत तलाकशुदा महिला की पहचान अमित पासवान नामक युवक से फेसबुक और इंस्टाग्राम के ज़रिए हुई। युवक ने खुद को पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले का रहने वाला और एक "सीबीआई अधिकारी" बताया। सोशल मीडिया पर बातचीत के दौरान युवक ने महिला पर प्रभाव जमाया और फिर शादी का प्रस्ताव दे डाला।
मानसिक तनाव में महिला ने कर ली शादी
महिला अपनी निजी ज़िंदगी में अकेलेपन और तनाव से जूझ रही थी। ऐसे में अमित पासवान की बातों में आकर उसने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। 27 मार्च 2023 को दोनों ने विवाह कर लिया। लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद महिला को यह दर्दनाक सच्चाई पता चली कि अमित पहले से शादीशुदा है और उसकी पत्नी बांदा जिले में रहती है।
पत्नी ने किया खुलासा, गाली-गलौज और धमकी भी दी
जब महिला ने युवक की पत्नी से संपर्क किया, तो वह उल्टे उसी से झगड़ने लगी और खुद को अमित की कानूनी पत्नी बताते हुए गाली-गलौज करने लगी। यहीं से महिला को पता चला कि अमित और उसकी पत्नी राम जानकी देवी मिलकर कई लड़कियों को फंसा चुके हैं और उनके साथ ठगी कर चुके हैं।
नगदी और गहनों की ठगी
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी दंपती ने उसे भरोसे में लेकर उसके नगद पैसे और कीमती जेवरात हड़प लिए। इसके बाद जब महिला ने उनसे संबंध तोड़ लिए, तब भी अमित और उसकी पत्नी उसे फोन कर धमकाने और गाली देने लगे। महिला ने इस पूरी घटना की रिपोर्ट गाजीपुर कोतवाली में दर्ज कराई है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
गाजीपुर पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी अमित पासवान और उसकी पत्नी राम जानकी देवी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की तलाश जारी है और उनके खिलाफ पहले से भी कुछ शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
सवालों के घेरे में सोशल मीडिया और फर्जी पहचान
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर भोले-भाले लोगों को ठगना कितना आसान हो गया है। वहीं, यह मामला महिला सुरक्षा और डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों की ओर भी इशारा करता है, जिससे निपटने के लिए प्रभावी निगरानी और कानूनी सख्ती की आवश्यकता है।

