Ayodhya Ram Mandir ट्रस्ट का पहला CEO कौन? आज लग सकती है मुहर, सपा ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल
अयोध्या के मणिरामदास छावनी में आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला सामने आने की संभावना है। इसके अलावा ट्रस्ट से जुड़े करीब एक दर्जन महत्वपूर्ण एजेंडे पर भी चर्चा और निर्णय होना है।
बैठक में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के संगठन सचिव बजरंग लाल बांगड़ा, VHP प्रबंध समिति के सदस्य दिनेश चंद्र, धार्मिक समिति के सदस्य राजकुमार दास, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी समेत महंत नृत्यगोपाल दास और दिनेंद्र दास मौजूद रहेंगे। वहीं, वासुदेवानंद सरस्वती, परमानंद गिरी और विश्वप्रसन्ना तीर्थ ऑनलाइन बैठक से जुड़ेंगे।
CEO के चयन पर सबसे अहम चर्चा
जानकारी के मुताबिक, बैठक की शुरुआत पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि और लिए गए फैसलों के अनुपालन की समीक्षा से होगी। इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा राम मंदिर के CEO के चयन के लिए गठित समिति की रिपोर्ट पर चर्चा और उस पर निर्णय का होगा।
ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति को मंदिर के प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि समिति की ओर से सुझाए गए नामों में से किसे जिम्मेदारी मिलती है।
वित्तीय मामलों से लेकर ट्रस्ट नियमों में बदलाव तक कई मुद्दे एजेंडे में
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड आय-व्यय और बैलेंस शीट को मंजूरी देने पर भी विचार किया जाएगा।
इसके अलावा SIT और सुप्रीम कोर्ट में लंबित PIL की मौजूदा स्थिति पर चर्चा होगी। ट्रस्ट डीड और ट्रस्ट की नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल है।
धार्मिक, वित्त, प्रबंधन और निर्माण समितियों की ओर से लिए गए फैसलों की जानकारी बैठक में रखी जाएगी और आवश्यक अनुमोदन लिया जाएगा।
इसके साथ ही राम मंदिर के लिए स्थानीय सुरक्षा समन्वय समिति के गठन और ट्रस्ट के प्रेस प्रवक्ता के चयन पर भी चर्चा होनी है।
राजकुमार दास ने बताया- इन नामों पर चर्चा
बैठक से पहले धार्मिक समिति के सदस्य राजकुमार दास ने CEO पद के संभावित नामों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब छह नामों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें लिस्ट ए और लिस्ट बी के तीन-तीन नाम शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इनमें योगेश्वर राम मिश्र, राजेश पांडेय और बिहार से जुड़े एक अन्य अधिकारी का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। हालांकि, अंतिम फैसला बैठक के बाद ही सामने आएगा कि किस सूची और किस नाम को जिम्मेदारी दी जाती है।
राम मंदिर में कथित दान घोटाले को लेकर पूछे गए सवाल पर राजकुमार दास ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, वे जेल में हैं और बाकी मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के जिम्मेदार लोगों को जानकारी मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की गई।
बैठक से पहले सियासी बयानबाजी भी तेज
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से पहले इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि बीजेपी की सरकार अयोध्या से बनी थी और अयोध्या से ही उसका सफाया होगा।
वहीं, उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने राम मंदिर के CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट का विषय बताया। उन्होंने कहा कि नए CEO के आने के बाद यह सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि मंदिर से जुड़े कामकाज में पहले जैसी गलतियां दोबारा न हों।
अब सभी की नजर आज होने वाली बैठक पर है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि राम मंदिर के पहले CEO के तौर पर किस नाम पर मुहर लगती है और ट्रस्ट के बाकी अहम प्रस्तावों पर क्या फैसले लिए जाते हैं।

