डब्ल्यूएचओ ने पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में टीकाकरण को और मजबूत करने का किया आग्रह
मनीला, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में टीकाकरण प्रयासों को तेज करने की अपनी अपील को दोहराया है और टीके से रोकी जा सकने वाली बीमारियों के फिर से फैलने की चेतावनी दी है।
डब्ल्यूएचओ ने टीकाकरण कार्यक्रमों में हासिल की गई कठिन उपलब्धियों को सुरक्षित रखने, उन बच्चों तक पहुंचने की आवश्यकता पर जोर दिया जो नियमित टीकाकरण से अभी भी वंचित हैं, और जीवन के हर चरण में टीकों के प्रति सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने की जरूरत बताई। यह जानकारी फिलीपींस के मनीला स्थित डब्ल्यूएचओ के पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रीय कार्यालय के एक बयान में दी गई।
डब्ल्यूएचओ के पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रीय निदेशक साया माउ पिउकाला ने कहा, “टीके विज्ञान और चिकित्सा का चमत्कार हैं, और इन्होंने हमारे क्षेत्र में पीढ़ियों से परिवारों और समुदायों की रक्षा की है। लेकिन हम इस सुरक्षा को हल्के में नहीं ले सकते।”
फिर भी, 2024 में पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में लगभग 21 लाख बच्चों को कम से कम एक टीके की खुराक नहीं मिल पाई, जिससे बड़ी संख्या में बच्चे रोकी जा सकने वाली बीमारियों के खतरे में हैं।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 2.2 अरब आबादी वाले इस क्षेत्र, जो दुनिया की कुल आबादी का एक चौथाई से अधिक है, में देशों ने टीके से रोकी जा सकने वाली बीमारियों के खिलाफ महत्वपूर्ण प्रगति की है।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक डब्ल्यूएचओ ने जोर देकर कहा कि नियमित टीकाकरण प्रणालियों को मजबूत करना, वंचित आबादी तक पहुंच बढ़ाना और टीकों की विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करना इस रुझान को उलटने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में टीकाकरण ने लाखों मौतों और विकलांगताओं को रोका है। हालांकि, कई देशों में टीकाकरण तक असमान पहुंच अब भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। वैक्सीन-प्रिवेंटेबल डिजीजेज और इम्यूनाइजेशन (वीडीआई) इकाई का लक्ष्य इस क्षेत्र को टीके से रोकी जा सकने वाली बीमारियों से मुक्त बनाना है।
यह लक्ष्य सदस्य देशों को ग्लोबल वैक्सीन एक्शन प्लान के क्षेत्रीय कार्यान्वयन ढांचे के उद्देश्यों को हासिल करने में सहायता देकर पूरा किया जा रहा है।
पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के टीकाकरण लक्ष्यों में पोलियो-मुक्त स्थिति बनाए रखना, मातृ और नवजात टेटनस का उन्मूलन, खसरा खत्म करना, हेपेटाइटिस बी के नियंत्रण में तेजी लाना, रुबेला का उन्मूलन, नए टीकों की शुरुआत, क्षेत्रीय टीकाकरण कवरेज लक्ष्यों को हासिल करना और जापानी एन्सेफलाइटिस के नियंत्रण को तेज करना शामिल है।
--आईएएनएस
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