'कौन है असली अपराधी?' बागेश्वर धाम रेप केस में DNA रिपोर्ट के बाद MP हाईकोर्ट सख्त, SIT करेगी नए सिरे से जांच
गर्भावस्था को मेडिकल प्रक्रिया के तहत समाप्त किए जाने के बाद भ्रूण का सैंपल DNA जांच के लिए सुरक्षित रखा गया था। बाद में सामने आई फोरेंसिक रिपोर्ट में आरोपी राजू जाटव को भ्रूण का जैविक पिता नहीं पाया गया। इसके बाद आरोपी की ओर से इसी आधार पर जमानत की मांग की गई।
कोर्ट में नाबालिग के बयान से आया नया मोड़
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब नाबालिग ने ट्रायल कोर्ट में आरोपी पर लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों का समर्थन नहीं किया। हालांकि, जांच के शुरुआती चरण में दर्ज उसके बयानों में उसने आरोपी पर जबरन यौन संबंध बनाने का आरोप लगाया था।हाईकोर्ट ने इन बयानों में मौजूद विरोधाभास और DNA रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच का दायरा बढ़ाने की जरूरत महसूस की। कोर्ट ने साफ किया कि DNA रिपोर्ट आरोपी को भ्रूण का जैविक पिता नहीं बताती, लेकिन इससे यह सवाल खत्म नहीं होता कि नाबालिग गर्भवती कैसे हुई और उसके साथ कथित यौन अपराध किसने किया।
दो महीने में असली आरोपी और जैविक पिता का पता लगाने का निर्देश
हाईकोर्ट ने छतरपुर एसपी को निर्देश दिया है कि वह एक विशेष जांच टीम गठित करें। SIT को पूरे मामले की दोबारा पड़ताल करते हुए यह पता लगाना होगा कि:
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नाबालिग के साथ कथित यौन अपराध किसने किया?
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गर्भ में पल रहे भ्रूण का जैविक पिता कौन है?
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जांच के दौरान सामने आए अलग-अलग बयानों और वैज्ञानिक रिपोर्ट के बीच क्या संबंध है?
कोर्ट ने जांच पूरी करने के लिए दो महीने की समयसीमा तय की है।
धीरेंद्र शास्त्री की अपील भी चर्चा में
इस मामले के बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हालिया अपील भी चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने महिलाओं और माताओं से अकेले धाम नहीं आने की अपील की थी। उन्होंने अजनबियों और सेवादारों पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करने की सलाह भी दी थी।हालांकि, उनकी इस अपील में इस नाबालिग से जुड़े मामले का सीधे तौर पर कोई उल्लेख नहीं था।
अब जांच पर टिकी नजर
DNA रिपोर्ट, नाबालिग के अलग-अलग बयानों और मामले में सामने आए अन्य तथ्यों के बीच विरोधाभास के बाद हाईकोर्ट ने जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाने का फैसला किया है। अब SIT की जांच से यह सामने आने की उम्मीद है कि इस मामले में वास्तविक घटनाक्रम क्या था और नाबालिग के गर्भ में पल रहे भ्रूण का जैविक पिता कौन है।फिलहाल हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया है और मामले की आगे की जांच SIT के जरिए कराने का आदेश दिया है।

