आपने अक्सर सुना होगा कि भूत भगवान से डरते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि भूत भगवान के लिए मंदिर बनाने आते हैं? लेकिन यह चौंकाने वाली कहानी वृंदावन की है।
भूतों द्वारा निर्मित मंदिर
वृंदावन की पावन भूमि भगवान कृष्ण की लीला स्थली के रूप में प्रसिद्ध है। गोविंद देवजी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध इस प्राचीन मंदिर के बारे में माना जाता है कि इसका निर्माण भूतों ने किया था।
भूतों ने एक ही रात में एक बहुमंजिला मंदिर बना दिया। लेकिन मंदिर पूरा होने से पहले ही उन्हें अपना काम छोड़कर भागना पड़ा।
इस कारण भूत मंदिर छोड़कर भाग गए।

कहते हैं कि सुबह हो रही थी और भूत मंदिर बनाने में व्यस्त थे। जब किसी ने पीसने का काम शुरू किया, तो भूतों ने पीसने की आवाज सुनी। पीसने की आवाज सुनकर भूत अपना काम छोड़कर भाग गए। कहा जाता है कि मुगल काल में इस मंदिर की रोशनी आगरा तक दिखाई देती थी।
गोविंदजी वृंदावन से जयपुर पहुँचे थे; यह एक प्राचीन मूर्ति है।
कहा जाता है कि इस मंदिर में स्थापित प्राचीन मूर्ति अब मंदिर में नहीं है। मंदिर के पुजारी मूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए जयपुर ले गए। आज यह प्राचीन मूर्ति जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में विराजमान है।

